The Duniyadari: रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के सातवें दिन मंगलवार को प्रश्नकाल की शुरुआत के साथ ही सदन में तीखी बहस और हंगामे का माहौल बन गया। सरकारी जमीनों पर हो रहे अतिक्रमण को लेकर विपक्षी विधायकों ने सरकार को घेरते हुए जोरदार नारेबाजी की और इस पर स्पष्ट जवाब की मांग की।
डोंगरगढ़ की विधायक हर्षिता स्वामी बघेल ने सहकारी केंद्रीय बैंक के प्रस्तावित भवन निर्माण का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि भवन निर्माण के लिए वर्क ऑर्डर जारी हो चुका है, टेंडर प्रक्रिया भी पूरी हो गई और भूमि पूजन भी किया जा चुका है, लेकिन संबंधित जमीन से अतिक्रमण अब तक नहीं हटाया गया। इसके चलते निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है।
इस पर मंत्री केदार कश्यप ने जवाब देते हुए बताया कि वर्ष 2023 में भवन निर्माण की स्वीकृति दी गई थी, लेकिन उस स्थान पर पार्किंग और अन्य आवश्यक सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने की वजह से अब बैंक भवन के लिए वैकल्पिक जमीन तलाशने की प्रक्रिया चल रही है।
मंत्री के जवाब पर विधायक हर्षिता बघेल ने फिर सवाल उठाया कि जब शुरुआत में ही सभी व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर टेंडर और भूमि पूजन किया गया था, तो अब निर्माण कार्य में देरी क्यों हो रही है। उन्होंने यह भी पूछा कि सहकारी बैंक आखिर कब तक किराए के भवन में संचालित होता रहेगा।
इस दौरान नेता प्रतिपक्ष भूपेश बघेल ने भी सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि अतिक्रमणकारियों को संरक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने सरकार से अतिक्रमण हटाने की स्पष्ट समय-सीमा बताने की मांग की। जवाब में मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि इस संबंध में कलेक्टर को पत्र भेजा जा चुका है और जल्द ही आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
































