The Duniyadari: Raipur- छत्तीसगढ़ के राज्यपाल Ramen Deka ने कहा कि चार्टर्ड अकाउंटेंट्स की भूमिका अब केवल लेखा-जोखा और कर सलाह तक सीमित नहीं रह गई है। आज वे व्यवसायों और उद्योगों को सही दिशा देने वाले विश्वसनीय सलाहकार के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी संस्था या व्यवसाय की सफलता में मजबूत वित्तीय प्रबंधन की भूमिका आधार स्तंभ के समान होती है।
राज्यपाल रायपुर में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सीए छात्र सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम में देशभर से आए एक हजार से अधिक सीए विद्यार्थियों ने भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि देश के विकास में कर राजस्व की अहम भूमिका है और कर व्यवस्था को अधिक सरल एवं नागरिकों के अनुकूल बनाने की आवश्यकता है, ताकि विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों को किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।
उन्होंने कहा कि छोटे और मध्यम उद्यम भारत की अर्थव्यवस्था की मजबूती का प्रमुख आधार हैं। ऐसे में उद्यमिता और व्यापार को बढ़ावा देना समय की मांग है। चार्टर्ड अकाउंटेंट्स इस दिशा में व्यवसायों को उचित मार्गदर्शन देकर आर्थिक विकास को गति दे सकते हैं।
तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर बात करते हुए राज्यपाल ने कहा कि एआई को मानव क्षमता का विकल्प नहीं बल्कि सहयोगी उपकरण के रूप में देखा जाना चाहिए। इसका उपयोग सकारात्मक, नवाचारपूर्ण और उत्पादक कार्यों के लिए किया जाना चाहिए। उन्होंने युवाओं को डिजिटल माध्यमों के संतुलित उपयोग की सलाह देते हुए मोबाइल और सोशल मीडिया की बढ़ती निर्भरता पर चिंता भी व्यक्त की।
राज्यपाल ने कहा कि चार्टर्ड अकाउंटेंसी पेशे की सबसे बड़ी पूंजी विश्वास, पारदर्शिता और गोपनीयता है। ग्राहकों का भरोसा पेशेवर नैतिकता और ईमानदारी से ही अर्जित किया जा सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने करियर में उत्कृष्टता हासिल करने के साथ-साथ समाजहित में भी योगदान देने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान स्मारिका का विमोचन भी किया गया। सम्मेलन में आईसीएआई के वरिष्ठ पदाधिकारियों, रायपुर शाखा के प्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में सीए छात्रों की उपस्थिति रही।















