Tuesday, May 12, 2026
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सुशासन तिहार में प्राप्त आवेदनों का समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करेंः कलेक्टर

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The Duniyadari: *कलेक्टर ने अधिकारियों को दी सख्त चेतावनी, जनसमस्याओं के त्वरित निराकरण के निर्देश*

*एग्रीस्टेक पोर्टल में किसानों का मई तक शत-प्रतिशत पंजीयन कराने के दिए निर्देश*

*समय-सीमा की बैठक*

कोरबा, 12 मई 2026/

कलेक्टर  कुणाल दुदावत ने आज समय-सीमा की बैठक लेकर विभिन्न विभागों के अंतर्गत लंबित प्रकरणों, मुख्यमंत्री जनदर्शन और सुशासन तिहार के अंतर्गत आयोजित जनसमस्या निवारण शिविरों में प्राप्त आवेदनों के निराकरण की समीक्षा की।

कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे सुशासन तिहार के आवेदनों का गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करें। उन्होंने अधिकारियों को शिविर स्थल पर निर्धारित समय तक अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने तथा आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर श्री दुदावत ने कहा कि सुशासन तिहार केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह शासन और आम जनता के बीच सीधे संवाद, विश्वास और समाधान का एक सशक्त माध्यम है। शासन की मंशा है कि आमजन को अपनी समस्याओं के लिए कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, बल्कि प्रशासन स्वयं गांवों और शिविर स्थलों तक पहुंचकर उनकी समस्याएं सुने और मौके पर ही प्रभावी कार्रवाई करे। उन्होंने निर्देश दिए कि शिविर में आने वाले प्रत्येक नागरिक की बात को गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुना जाए और जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी जन-जन तक पहुंचाया जाए ताकि पात्र हितग्राही लाभान्वित हो सकें। कलेक्टर ने सुशासन तिहार में प्राप्त आवेदनों की समीक्षा के दौरान, शिविर संपन्न होने के कई दिनों बाद भी आवेदनों का निराकरण नहीं करने पर जनपद सीईओ करतला को शोकॉज नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने विद्युत विभाग को विशेष निर्देश दिए कि बिजली बिल सुधार और खराब ट्रांसफार्मर की शिकायतों का निराकरण 7 दिनों के भीतर सुनिश्चित किया जाए। अन्य आवेदनों के लिए उन्होंने 15 दिनों की समय-सीमा निर्धारित की। साथ ही, सभी एसडीएम को राशन कार्ड, मनरेगा जाॅब कार्ड, पेंशन, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, पर्यवेक्षक और ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी से संबंधित शिकायतों पर गंभीरता से कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

बैठक में कलेक्टर ने ग्राम पंचायतों के विकास कार्यों की राशि का गबन करने वाले सरपंचों से वसूली का प्रकरण दर्ज कर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। जिले में राशन भंडारण और वितरण की समीक्षा करते हुए उन्होंने शहरी क्षेत्रों में पार्षदों और निगम कर्मचारियों तथा ग्रामीण क्षेत्रों में पटवारी, सरपंच, सचिव और कोटवारों के माध्यम से वितरण में तेजी लाने को कहा। उन्होंने तहसीलदार को मॉनिटरिंग करने और प्रगति कम होने पर संबंधित खाद्य निरीक्षकों को नोटिस जारी करने के निर्देश देते हुए प्रतिदिन 10 प्रतिशत वितरण की प्रगति लाने का लक्ष्य दिया।

मुख्यमंत्री की घोषणाओं की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने शासन स्तर पर लंबित कार्यों के लिए उच्चाधिकारियों से समन्वय करने को कहा। उन्होंने निर्माण पोर्टल पर स्पष्ट फोटोग्राफ अपलोड करने और जिला खनिज न्यास संस्थान के अंतर्गत स्वीकृत कार्यों की आगामी तीन माह में प्रशासकीय स्वीकृति जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्माण एजेंसियों को मई तक तकनीकी प्राक्कलन और जून तक शत-प्रतिशत प्रशासकीय स्वीकृति पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही यह सुनिश्चित करने को कहा कि कार्य गुणवत्तापूर्ण हों और भुगतान लंबित न रहे।

कलेक्टर ने मुख्यमंत्री जनदर्शन अंतर्गत विभिन्न विभागों में लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए सभी सम्बंधित अधिकारियों को दो दिवस के भीतर प्रकरण का निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने शासन द्वारा जारी ई-डिस्ट्रिक्ट (सेवा सेतु पोर्टल) में उपलब्ध सेवाओं का लाभ आवेदक को समय सीमा के भीतर में देने, आगामी दिनों से प्रारंभ होने वाले सीएम हेल्पलाइन में संबंधित विभागों के प्रकरण प्राप्त होने पर त्वरित निराकरण के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने ऐग्रिस्टेक पोर्टल की समीक्षा करते हुए एसडीएम को मॉनिटरिंग करने और पटवारी, वीएलई, आरएईओ के माध्यम से मई माह तक शतप्रतिशत किसानों का पंजीयन के निर्देश दिये। उन्होंने सीसीबी नोडल और उप पंजीयक सहकारिता को राजस्व विभाग के साथ समन्वय बनाकर ऐग्रिस्टेक पूर्ण कराने के निर्देश दिये। कलेक्टर ने इसकी प्रतिदिन मोनिटरिंग के निर्देश दिए। बैठक में कलेक्टर ने राजस्व प्रकरणों की समीक्षा भी की। उन्होंने तहसीलदार को अविवादित, विवादित नामांतरण, खाता विभाजन, सीमांकन, वृक्ष कटाई, किसान किताब सहित अन्य प्रकरणों को समय सीमा में निराकरण करने के निर्देश दिए।

बैठक में कलेक्टर ने जनगणना 2027 के अंतर्गत कार्य की समीक्षा कर चार्ज अधिकारियों को प्रगति लाने के निर्देश दिए। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी को शैक्षणिक सत्र प्रारंभ होने से पूर्व विद्यार्थियों का बायो मैट्रिक अनिवार्य रूप से पूर्ण करने के निर्देश भी दिए। इस दौरान डीएफओ निशांत कुमार, प्रेमलता यादव, निगमायुक्त आशुतोष पांडेय, सीईओ दिनेश नाग अपर कलेक्टर देवेंद्र पटेल, ओंकार यादव सहित सभी अधिकारी उपस्थित रहे।