कोलकाता। पश्चिम बंगाल के मंत्री पार्थ चटर्जी के करीबी सहयोगी अर्पिता मुखर्जी के दूसरे फ्लैट से करीब 29 करोड़ रुपये नकद और पांच किलोग्राम सोने के आभूषण बरामद किए गए हैंं। स्कूली शिक्षकों की नौकरी घोटाले की जांच कर रहे ईडी के अधिकारियों की 18 घंटे चली छापेमारी के बाद आज सुबह कोलकाता के बेलघरिया इलाके में अर्पिता मुखर्जी के घर से 10 ट्रंक नकदी लेकर निकले। ईडी के अधिकारियों ने मुखर्जी के दूसरे फ्लैट से जब्त की गई नकदी की सही मात्रा जानने के लिए तीन नोट काउंटिंग मशीनों का इस्तेमाल किया।
बता दें कि ममता सरकार के मंत्री पार्थ चटर्जी और अर्पिता मुखर्जी को 23 जुलाई को उनके घर पर पहली खेप मिलने के एक दिन बाद गिरफ्तार किया गया था। पिछले हफ्ते की छापेमारी के दौरान, जांच एजेंसी के अधिकारियों ने शहर में अर्पिता के दूसरे फ्लैट से 21 करोड़ रुपये नकद, बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा और 2 करोड़ रुपये की सोने की छड़ें बरामद की थीं। उन्हें लगभग 40 पन्नों के नोटों वाली एक डायरी भी मिली, जो जांच में महत्वपूर्ण सुराग दे सकती थी। अर्पिता मुखर्जी के दोनों घरों से अब तक 50 करोड़ रुपये नकद बरामद किए गए हैं। कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं जिनकी अधिकारियों द्वारा जांच की जा रही है।
टीएमसी सरकार में शिक्षा मंत्री रहते हुए हुआ था घोटाला
आपको बता दें कि पश्चिम बंगाल में स्कूलों में नौकरियों में मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी की जांच के तहत छापे मारे गए थे। बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के मंत्रिमंडल में वरिष्ठ मंत्री और उनके करीबी पार्थ चटर्जी पर शिक्षा मंत्री रहते हुए सरकारी स्कूलों में स्कूल शिक्षकों और कर्मचारियों की कथित रूप से अवैध नियुक्ति में भूमिका निभाने का आरोप है।
तबादलों के लिए और कॉलेजों को मान्यता दिलाने ली गई थी रकम
अर्पिता मुखर्जी ने कथित तौर पर जांचकर्ताओं को बताया है कि यह पैसा तबादलों के लिए और कॉलेजों को मान्यता दिलाने में मदद करने के लिए प्राप्त किया गया था। अर्पिता मुखर्जी ने जांचकर्ताओं को यह भी बताया, “पार्थ ने मेरे और दूसरी महिला के घर को मिनी बैंक के रूप में इस्तेमाल किया। वह दूसरी महिला भी उसकी करीबी दोस्त है।“































