Sunday, April 19, 2026
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झाबू राखड़ डैम बना मौत का गड्ढा: हफ्ते में दूसरी बार टूटा बांध, JCB ऑपरेटर की मौत; शंकर इंजीनियरिंग पर गंभीर आरोप

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The Duniyadari: 150 मीटर नीचे गिरी मशीनें, बाइक दबे होने की आशंका; घटिया रेजिंग और कथित भ्रष्टाचार ने ली जान

झाबू क्षेत्र का राखड़ (फ्लाई ऐश) डैम एक बार फिर बड़े हादसे का कारण बना है। एक सप्ताह के भीतर दूसरी बार डैम का हिस्सा टूट गया, जिससे इलाके में दहशत फैल गई।

ताजा घटना में डैम का एक बड़ा हिस्सा अचानक धंस गया, जिसके चलते वहां काम कर रही JCB और पोकलेन मशीन करीब 150 मीटर नीचे जा गिरी। इस भीषण हादसे में JCB ऑपरेटर मलबे में दब गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

स्थानीय आरोप: “रेजिंग छुपाने के लिए जानबूझकर छेड़ा गया बांध”

स्थानीय लोगों का आरोप है कि शंकर इंजीनियरिंग ने जानबूझकर पोकलेन मशीन से डैम की रेजिंग को छेड़ा और कमजोर किया, ताकि राखड़ बांध के बाहर बह सके और बांध पूरी तरह भरने की स्थिति न आए। ग्रामीणों के अनुसार, ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि यदि बांध भर जाता, तो रेजिंग और राखड़ सप्लाई में हुई कथित गड़बड़ियां उजागर हो जातीं।

लोगों का कहना है कि बिना वास्तविक सप्लाई के भी भुगतान लिया गया था, और उसी को छुपाने के लिए यह कदम उठाया गया। आरोप है कि बांध को नियंत्रित तरीके से तोड़ने की कोशिश की गई, लेकिन इस प्रक्रिया में डैम का बड़ा हिस्सा ही असंतुलित होकर धंस गया, जिससे आज यह बड़ा और जानलेवा हादसा हो गया।

(इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है)

कुछ लोगों का कहना है कि मलबे में कुछ बाइक भी दबे होने की आशंका है, जिससे नुकसान और बढ़ सकता है।

घटिया रेजिंग पर ठेकेदार कटघरे में

ग्रामीणों ने सीधे तौर पर ठेकेदार शंकर इंजीनियरिंग को इस हादसे का जिम्मेदार ठहराया है। उनका आरोप है कि:

• डैम की रेजिंग (ऊंचाई बढ़ाने का काम) पूर्व में शंकर इंजीनियरिंग द्वारा की गई थी

• यह काम पूरी तरह घटिया और नियमों के खिलाफ तरीके से किया गया

• निर्माण में गुणवत्ता की अनदेखी कर सिर्फ मुनाफा कमाने पर ध्यान दिया गया

लोगों का कहना है कि यही कमजोर और घटिया रेजिंग आज हादसे की सबसे बड़ी वजह बनी।

रिटायर्ड अधिकारी के साथ मिलीभगत के आरोप

स्थानीय लोगों के अनुसार, यह पूरा काम पूर्व में पदस्थ एक रिटायर्ड अधिकारी और ठेकेदार शंकर इंजीनियरिंग की मिलीभगत से किया गया।

आरोप हैं कि:

राखड़ सप्लाई और निर्माण कार्य में भारी भ्रष्टाचार किया गया

• बिना सप्लाई के भी भुगतान किया गया

• विभाग को करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचाया गया

कुछ लोगों ने यह भी गंभीर आरोप लगाया कि:

“एक अधिकारी रायपुर में बैठकर सिंगापुर तक पैसों का लेन-देन करवाता था और डॉलर में भुगतान की मांग करता (इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है)

18 करोड़ की पेनल्टी, वसूली की मांग

स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मामले में पहले भी करीब 18 करोड़ रुपये की पेनल्टी लग चुकी है। अब मांग उठ रही है कि:

• यह राशि शंकर इंजीनियरिंग और संबंधित जिम्मेदार लोगों से वसूली जाए

• पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को सजा दी जाए

कृषि और पर्यावरण पर संकट

डैम टूटने से आसपास के क्षेत्रों में:

• कृषि भूमि प्रभावित हुई है

• राखड़ और दूषित पानी फैलने से पर्यावरण को खतरा बढ़ गया है

स्थानीय लोगों ने पर्यावरण विभाग से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन आरोप है कि फोन तक रिसीव नहीं किया गया। अब सवाल उठ रहा है कि:

➡️ क्या पर्यावरण विभाग कार्रवाई करेगा?

➡️ या फिर ऐसे हादसे यूं ही होते रहेंगे?

जिम्मेदारों की गैरमौजूदगी पर सवाल

हादसे के बाद:

• न तो ठेकेदार का कोई प्रतिनिधि मौके पर पहुंचा

• न ही जिम्मेदार पक्ष की ओर से कोई जवाब सामने आया

इससे लोगों में भारी नाराजगी देखी जा रही है।

जनता का आक्रोश और मांगें

स्थानीय लोगों ने मांग की है कि:

शंकर इंजीनियरिंग पर सख्त कानूनी कार्रवाई हो

• पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए

रिटायर्ड अधिकारी की पेंशन रोकी जाए और संपत्ति की जांच हो

18 करोड़ की पेनल्टी की वसूली ठेकेदार और अधिकारी से की जाए 

झाबू राखड़ डैम का यह हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि लालच, लापरवाही और कथित भ्रष्टाचार का नतीजा बताया जा रहा है।

एक जान जा चुकी है… और अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो यह आंकड़ा बढ़ भी सकता है।

अब सवाल यही है—क्या दोषियों पर कार्रवाई होगी, या अगला हादसा होने का इंतजार किया जाएगा?