Wednesday, April 22, 2026
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वैकल्पिक वित्तपोषण : एमएसएमई के लिए नई राह

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The Duniyadari: *कोरबा में आयोजित*  कार्यशाला ने खोले पूंजी जुटाने के विकल्प*

कोरबा 19 जून 2025/छत्तीसगढ़ के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को पारंपरिक बैंकिंग साधनों से आगे बढ़कर वैकल्पिक स्त्रोतों से वित्तीय सहायता प्राप्त करने हेतु प्रेरित करने के उद्देश्य से ’’वैकल्पिक वित्तपोषण पर कार्यशाला’’ का आयोजन किया गया। जिला स्तरीय यह कार्यशाला भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय की रेजिंग एण्ड एक्सेलेरेटिंग एमएसएमई परफॉमेंस (आरएएमपी) योजना के अंतर्गत जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र कोरबा के द्वारा आयोजित की गई। आरएएमपी योजना भारत सरकार और विश्व बैंक द्वारा संयुक्त रूप से वित्तपोषित है, जिसका उद्देश्य एमएसएमई क्षेत्र का पुनरूत्थान और सशक्तिकरण किया जाना है।

यह कार्यशाला बुधवार 18 जून को कोरबा में आयोजित की गई, जिसमें लघु एवं मध्यम उद्यमों को एसएमई एक्सचेंज के माध्यम से वैकल्पिक वित्तपोषण के संबंध में जागरूक किया गया। कार्यशाला का आयोजन राष्ट्रीय स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के सहयोग से किया गया। इस अवसर पर प्रतिभागियों को एनएसई इमर्ज प्लेटफॉर्म की विस्तृत जानकारी दी गई, जो लघु एवं मध्यम उद्यमों तथा स्टार्टअप को पूंजी जुटाने का एक विशेष मंच उपलब्ध कराती है।

कार्यशाला के शुरूआत में क्लाइंट फस्ट वेल्थ मैनेजमेंट के संस्थापक एवं प्रबंध निदेशक श्री कुंजन गुप्ता द्वारा एमएसएमई अंतर्गत वेल्थ मैनेजमेंट और वित्तीय नियोजन के विविध पहलुओं से अवगत कराया गया। इसके पश्चात् एनएसई कोलकाता के मुख्य प्रबंधक श्री अविक गुप्ता द्वारा एनएसई इमर्ज में सूचीकरण की प्रक्रिया, पूंजी बाजार के नये अवसरों और लाभों पर विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।

सीएसआईडीसी रायपुर के श्री प्रवीण द्वारा आरएएमपी योजना के अंतर्गत एमएसएमई सुविधा एवं वित्तीय बाजार तक बेहतर पहुंच की जानकारी प्रदान की गई। इस कार्यशाला की अध्यक्षता जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र कोरबा के द्वारा किया गया। कार्यशाला में जिला उद्योग संघ कोरबा के अध्यक्ष श्री श्रीकांत बुधिया एवं सचिव श्री संजय खरे सहित 30 से अधिक लघु एवं मध्यम उद्यमों तथा चाटर्ड एकाउन्टेंट ने भाग लिया। इस प्रकार यह कार्यशाला सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों के लिए पूंजी बाजार के नए अवसरों को समझने, अपनाने और अपने व्यापार को सशक्त बनाने की दिशा में एक सार्थक पहल सिद्ध हुई।