बीएमसी में सत्ता परिवर्तन: 30 साल बाद भाजपा गठबंधन का परचम

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The Duniyadari :मुंबई। एशिया के सबसे अमीर नगर निकाय बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के चुनाव नतीजों ने महाराष्ट्र की सियासत में बड़ा संदेश दे दिया है। 227 सीटों वाली बीएमसी में भाजपा-नेतृत्व वाले गठबंधन ने स्पष्ट बहुमत हासिल कर लिया है, जिससे करीब तीन दशक बाद बीएमसी की सत्ता पर भाजपा गठबंधन का कब्जा तय माना जा रहा है।

ताज़ा रुझानों के अनुसार भाजपा गठबंधन 130 से अधिक सीटों पर आगे है, जबकि उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के गठबंधन को करारी हार का सामना करना पड़ा है। ठाकरे ब्रदर्स की पार्टियां मिलकर भी बहुमत से काफी दूर नजर आ रही हैं। कांग्रेस केवल सीमित सीटों पर सिमटती दिखाई दे रही है।

अन्य नगर निगमों में भी भाजपा की मजबूत पकड़

बीएमसी के अलावा नागपुर, पुणे और पिंपरी-चिंचवड नगर निगमों में भी भाजपा गठबंधन ने भारी बहुमत के साथ जीत दर्ज की है। वहीं नासिक और ठाणे में भी भाजपा गठबंधन को बढ़त मिली हुई है। कुल मिलाकर, महाराष्ट्र के अधिकांश शहरी निकायों में सत्ता का रुझान भाजपा के पक्ष में जाता दिख रहा है।

मराठी मानुस’ एजेंडा नहीं चला

चुनावी नतीजों से साफ है कि ठाकरे बंधुओं का ‘मराठी मानुस’ एजेंडा इस बार मतदाताओं को खास प्रभावित नहीं कर सका। शहरी मतदाताओं ने स्थानीय मुद्दों, विकास और स्थिर नेतृत्व को प्राथमिकता दी है।

भाजपा नेताओं का बयान

भाजपा नेताओं ने इन नतीजों को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की नीतियों और सरकार के कामकाज पर जनता की मुहर बताया है। पार्टी का कहना है कि महाराष्ट्र में शहरी मतदाता अब विकास और सुशासन को लेकर स्पष्ट फैसला कर चुके हैं।

सियासी संकेत

नगर निकाय चुनावों के ये परिणाम न केवल बीएमसी बल्कि पूरे महाराष्ट्र की राजनीति के लिए अहम माने जा रहे हैं। विधानसभा चुनाव के बाद अब नगर निगमों में भी भाजपा गठबंधन की मजबूती यह संकेत देती है कि आने वाले समय में राज्य की राजनीति की दिशा इसी के इर्द-गिर्द घूमेगी।

कुल मिलाकर, बीएमसी चुनाव ने यह स्पष्ट कर दिया है कि मुंबई की सत्ता का ताज अब भाजपा गठबंधन के सिर सजने जा रहा है, जबकि ठाकरे परिवार का लंबे समय से चला आ रहा वर्चस्व इतिहास बनता नजर आ रहा है।