कोरबा नगर निगम में टैक्स वसूली का अलार्म, बकायेदार ठेकेदारों पर ब्लैकलिस्ट की तलवार

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The Duniyadari : कोरबा — वित्तीय वर्ष के अंतिम चरण में प्रवेश करते ही नगर पालिक निगम कोरबा में राजस्व वसूली को लेकर सख्ती तेज हो गई है। निगम आयुक्त आशुतोष पांडेय ने साफ कर दिया है कि जो ठेकेदार खुद का प्रॉपर्टी टैक्स बकाया रखेंगे, उनके खिलाफ तत्काल ब्लैकलिस्टिंग की कार्रवाई की जाएगी। इस फैसले से निगम से जुड़े बड़े ठेकेदारों में हड़कंप की स्थिति बन गई है।

144 करोड़ के लक्ष्य के सामने धीमी वसूली

निगम ने चालू वित्तीय वर्ष में करीब 144 करोड़ रुपये के राजस्व का लक्ष्य तय किया है, लेकिन जनवरी तक आधे से भी कम राशि जमा हो पाई है। कमजोर वसूली को देखते हुए प्रशासन ने अब बड़े बकायेदारों पर फोकस करना शुरू कर दिया है, जिसमें निगम के साथ काम करने वाले ठेकेदार सबसे पहले रडार पर हैं।

रसूख पर नहीं, नियमों पर चलेगा निगम

निगम सूत्रों के अनुसार, कई ठेकेदार लंबे समय से राजनीतिक प्रभाव के सहारे टैक्स भुगतान टालते आ रहे थे। लेकिन आयुक्त के सख्त रुख के बाद यह संदेश साफ हो गया है कि बकाया टैक्स चुकाए बिना न तो नए टेंडर मिलेंगे और न ही पुराने कामों में राहत दी जाएगी।

वार्ड स्तर पर वसूली अभियान, कुर्की की तैयारी

राजस्व विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि वार्डों में शिविर लगाकर टैक्स वसूली तेज की जाए। जिन व्यावसायिक प्रतिष्ठानों ने बार-बार नोटिस के बावजूद भुगतान नहीं किया है, उनकी संपत्ति कुर्क करने की प्रक्रिया भी शुरू की जा सकती है।

निष्कर्ष

मार्च क्लोजिंग से पहले निगमों का सख्त होना आम बात है, लेकिन ठेकेदारों को सीधे ब्लैकलिस्ट करने की चेतावनी कोरबा में एक मजबूत प्रशासनिक संकेत मानी जा रही है। आने वाले दिनों में यह साफ होगा कि यह सख्ती सिर्फ चेतावनी तक सीमित रहती है या वास्तव में बड़े डिफॉल्टर्स पर कार्रवाई होती है।