The Duniyadari:। कटघोरा वनमंडल के जटगा रेंज स्थित धोबीबारी गांव में हाथियों के बड़े झुंड ने भारी तबाही मचा दी। करीब 40 हाथियों के दल ने गांव में घुसकर कई मकानों को क्षतिग्रस्त कर दिया और घरों में रखा सामान व राशन बर्बाद कर दिया। अचानक हुए हमले से ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई और कई परिवारों को जान बचाकर इधर-उधर शरण लेनी पड़ी। मौजूदा हालात में उनके सामने रहने और खाने की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है।
घटना के बाद इलाके की स्थिति जानने पहुंचे चार स्थानीय पत्रकार भी खतरे के बीच फंस गए। रात के समय हाथियों की आवाजाही और चिंघाड़ के कारण गांव से बाहर निकलने का रास्ता बंद हो गया, जिससे ग्रामीणों के साथ पत्रकारों को भी पूरी रात दहशत में बितानी पड़ी। सुबह उजाला होने के बाद ही सभी लोग सुरक्षित स्थान तक पहुंच सके।
बताया जा रहा है कि बीते दिनों भी इसी क्षेत्र में हाथियों ने कई घरों को नुकसान पहुंचाया था और कुछ पालतू जानवरों को मार डाला था। लगातार हो रही घटनाओं से गांव के गरीब परिवार बेघर हो गए हैं और खुले आसमान के नीचे रात गुजारने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि हाथियों की मौजूदगी की जानकारी होने के बावजूद समय रहते पर्याप्त चेतावनी और सुरक्षा इंतजाम नहीं किए जाते।
वन विभाग की ओर से गठित हाथी मित्र दल और मैदानी अमले की सक्रियता पर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पूरी रात किसी जिम्मेदार अधिकारी या कर्मचारी की मौजूदगी नजर नहीं आई, जिससे लोगों में नाराजगी और डर दोनों बढ़ गए हैं।
































