The Duniyadari: रायपुर- फर्जी एमबीबीएस और बीएएमएस डिग्री बनाकर पोस्ट ऑफिस में नौकरी दिलाने के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले गिरोह के खिलाफ पुलिस ने एक और बड़ी कार्रवाई की है। कमिश्नरेट के डीसीपी सेंट्रल जोन की टीम ने इस मामले में शामिल एक महिला आरोपी साक्षी सिंह को दिल्ली से गिरफ्तार किया है। इस मामले में अब तक पांच आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी साक्षी सिंह ने पूछताछ में स्वीकार किया कि वह दिल्ली में रहते हुए एक अन्य व्यक्ति के साथ मिलकर पुणे के डी.वाई. पाटिल विश्वविद्यालय के नाम पर फर्जी एमबीबीएस और बीएएमएस डिग्री तैयार कर गिरोह के अन्य सदस्यों को उपलब्ध कराती थी। पुलिस ने आरोपी के पास से तीन मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं, जिनका उपयोग धोखाधड़ी में किया गया था।
यह पूरा मामला 17 फरवरी 2026 को सामने आया था, जब संजय निराला ने सिविल लाइन थाना में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया कि भुनेश्वर बंजारे, नरेश मनहर, हीरा दिवाकर, राकेश रात्रे और उनके साथियों ने पोस्ट ऑफिस में नौकरी दिलाने और फर्जी डिग्री उपलब्ध कराने का झांसा देकर उनसे और उनके रिश्तेदारों से कुल 2 करोड़ 34 लाख रुपये की ठगी की। पैसे लेने के बाद आरोपियों ने किसी को नौकरी नहीं दिलाई।
शिकायत के आधार पर थाना सिविल लाइन में अपराध क्रमांक 96/2026 दर्ज कर विभिन्न धाराओं के तहत मामला कायम किया गया। पुलिस ने जांच के दौरान पहले चार आरोपियों – भुनेश्वर बंजारे, नरेश मनहर, हीरा दिवाकर और राकेश रात्रे – को गिरफ्तार किया था। उनसे पूछताछ और तकनीकी जांच के आधार पर साक्षी सिंह की भूमिका सामने आई, जिसके बाद दिल्ली में दबिश देकर उसे गिरफ्तार किया गया।
पुलिस के अनुसार, आरोपी साक्षी सिंह मूल रूप से लखनऊ की रहने वाली है और वर्तमान में नई दिल्ली में रह रही थी। उसे रायपुर लाकर पूछताछ की जा रही है और मामले में अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
डीसीपी सेंट्रल जोन ने बताया कि इस घोटाले में फर्जी डिग्री तैयार करने से लेकर नौकरी का झांसा देने तक पूरा नेटवर्क सक्रिय था, जिसे पुलिस ने क्रमबद्ध तरीके से उजागर किया है। साइबर और क्षेत्रीय टीमों की मदद से इस कार्रवाई को अंजाम दिया गया। उन्होंने कहा कि ऐसे फर्जीवाड़े में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जाएगा।















