The Duniyadari: डोंगरगढ़ के सरकारी अस्पताल में व्यवस्थाओं की पोल उस समय खुल गई, जब पैथोलॉजी जांच के लिए लाइन में लगी एक गर्भवती महिला अचानक चक्कर खाकर गिर पड़ी। घटना के बाद अस्पताल परिसर में मौजूद मरीजों और परिजनों ने प्रबंधन के खिलाफ नाराजगी जताई और अव्यवस्थाओं पर सवाल उठाए।
जानकारी के अनुसार, अस्पताल की पैथोलॉजी जांच सेवाओं को मुख्य भवन से हटाकर नए भवन में स्थानांतरित किया गया है। लेकिन यहां मरीजों की सुविधा के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए हैं। जांच कराने आने वाले लोगों को पहले रजिस्टर में नाम दर्ज कराने के लिए लंबी कतार में खड़ा होना पड़ता है। भीषण गर्मी और उमस के बीच मरीज घंटों अपनी बारी का इंतजार करते रहते हैं।
मरीजों का कहना है कि कतार में खड़े लोगों के लिए न तो बैठने की व्यवस्था है और न ही ठंडी हवा के लिए पंखा या कूलर लगाया गया है। सबसे अधिक परेशानी गर्भवती महिलाओं और बुजुर्ग मरीजों को उठानी पड़ रही है। कई महिलाएं गर्मी और भीड़ के कारण अस्वस्थ महसूस कर रही हैं।
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि बाहर मरीज गर्मी से बेहाल हैं, जबकि अंदर कर्मचारी कूलर और पंखों के बीच आराम से काम कर रहे हैं। भगत सिंह चौक निवासी एक व्यक्ति ने बताया कि वह अपनी गर्भवती पत्नी की जांच कराने अस्पताल पहुंचे थे, जहां भारी भीड़ के कारण घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ा। उनका कहना है कि दोपहर बाद डॉक्टर अस्पताल से नदारद हो जाते हैं, जिससे मरीजों को इलाज के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है।
मरीजों ने यह भी आरोप लगाया कि शिकायत करने पर अस्पताल कर्मचारियों का व्यवहार ठीक नहीं रहता और कई बार मरीजों से अभद्रता की जाती है। लगातार बढ़ रही शिकायतों के बावजूद अस्पताल प्रबंधन की ओर से व्यवस्था सुधारने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।















