The Duniyadari: कोरबा 25 मई 2026/
कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देशन में एसडीएम पाली द्वारा विकासखण्ड के ग्राम पंचायत माखनपुर में स्वामी आत्मानंद विद्यालय हेतु कंप्यूटर कक्ष एवं पुस्तकालय निर्माण, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भवन माखनपुर में शौचालय निर्माण तथा स्वामी आत्मानंद विद्यालय में नवीन भवन विस्तार कार्यों के लिए स्वीकृत राशि में अनियमितता और कार्य प्रारंभ नहीं किए जाने के मामले में प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है एवं सम्बधितों के विरुद्ध राशि वसूली के आदेश जारी कर तीन दिवस के लिए जेल भेजा गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार वर्ष 2023 में ग्राम पंचायत माखनपुर को विभिन्न निर्माण कार्यों के लिए लाखों रुपये की राशि स्वीकृत की गई थी। इसमें स्वामी आत्मानंद स्कूल माखनपुर में कंप्यूटर कक्ष एवं पुस्तकालय निर्माण के लिए 49 लाख 99 हजार रुपये एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालय माखनपुर में शौचालय निर्माण के लिए 25 लाख 45 हजार रुपये तथा स्वामी आत्मानंद विद्यालय हेतु नवीन भवन विस्तार कार्य के लिए 36 लाख 20 हजार रुपये स्वीकृत किए गए थे।
जांच में पाया गया कि स्वामी आत्मानंद स्कूल माखनपुर में कंप्यूटर कक्ष एवं पुस्तकालय निर्माण के लिए 49 लाख 99 हजार रुपये में से 19 लाख 99 हजार 600 रुपए, उच्चतर माध्यमिक विद्यालय माखनपुर में शौचालय निर्माण के लिए 25 लाख 45 हजार रुपये में से 10 लाख 18 हजार तथा स्वामी आत्मानंद विद्यालय हेतु नवीन भवन विस्तार कार्य के लिए 36 लाख 20 हजार रुपये में से 14 लाख 48 हजार राशि आहरित किए जाने के बाद कार्य स्थल पर निर्माण कार्य शुरू नहीं किए गए । मामले में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं विहित प्राधिकारी पाली द्वारा छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम 1993 की धारा 92 के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच की गई।
सुनवाई के दौरान तत्कालीन सरपंच मनोज कुमार पोर्ते, तत्कालीन सचिव धीरसाय तथा ठेकेदार मुजम्मिल अली रिजवी के विरुद्ध शासकीय राशि के दुरुपयोग के प्रमाण पाए गए। अतएव प्रशासन ने कुल 44 लाख 65 हजार 600 रुपये की वसूली योग्य राशि निर्धारित की। जिसमें एक तिहाई 14 लाख 88 हजार 533 रुपये की राशि संबंधितों के वेतन एवं अन्य भत्तों से वसूलने के आदेश जारी किए गए हैं।
साथ ही अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं विहित प्राधिकारी पाली, जिला कोरबा द्वारा तत्कालीन सरपंच मनोज कुमार पोर्ते, तत्कालीन सचिव धीरसाय तथा ठेकेदार मुजम्मिल अली रिजवी को निरुद्ध करने के आदेश जारी किए गए। तीनों को 25 मई 2025 से 27 मई 2026 तक की अवधि के लिए सिविल जेल में परिरुद्ध किया गया है।












