The Duniyadari: KORBA- गेवरा बस्ती की दृष्टिबाधित युवती शिवांगी ने अपने संघर्ष और मजबूत इरादों से यह साबित कर दिया है कि परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, अगर हौसला कायम रहे तो जिंदगी नई राह जरूर दिखाती है। बचपन में सामान्य बच्चों की तरह पढ़ाई शुरू करने वाली शिवांगी की जिंदगी तब बदलने लगी, जब धीरे-धीरे उसकी आंखों की रोशनी कम होने लगी।
परिवार ने इलाज के लिए कई अस्पतालों के चक्कर लगाए, यहां तक कि दिल्ली तक उम्मीद लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने रेटिना से जुड़ी गंभीर समस्या बताते हुए साफ कर दिया कि उसकी दृष्टि लौट पाना संभव नहीं है।
समय बीतने के साथ शिवांगी की आंखों की रोशनी पूरी तरह चली गई। कक्षा दसवीं तक पहुंचते-पहुंचते उसने अंधेरे को अपनी जिंदगी की सच्चाई के रूप में स्वीकार किया, लेकिन सपनों को टूटने नहीं दिया। आर्थिक तंगी के बावजूद उसने पढ़ाई जारी रखी और सहयोगी लेखक की मदद से दसवीं की परीक्षा पास की। आगे की राह मुश्किल जरूर थी, मगर उसने हार मानने के बजाय खुद को मजबूत बनाने का फैसला किया।
अपने आत्मविश्वास के दम पर शिवांगी रायपुर पहुंची, जहां उसने कंप्यूटर प्रशिक्षण हासिल किया। वहां उसने एमएस ऑफिस, एक्सेल, पॉवर पॉइंट सहित कई तकनीकी चीजें सीखीं। विशेष सॉफ्टवेयर की मदद से आवाज सुनकर कंप्यूटर ऑपरेट करना भी सीखा। दृष्टि भले साथ छोड़ चुकी थी, लेकिन सीखने का जज्बा लगातार बढ़ता गया।
इसी बीच शिवांगी अपनी समस्या और स्वरोजगार की इच्छा लेकर जनदर्शन में कलेक्टर कुणाल दुदावत से मिली। उसने आत्मनिर्भर बनने के लिए एक कंप्यूटर की मांग रखी। कलेक्टर ने उसकी लगन और संघर्ष को देखते हुए मदद का भरोसा दिलाया और जल्द ही उसे कंप्यूटर सेट उपलब्ध कराया गया।
अब यही कंप्यूटर शिवांगी के लिए नई उम्मीद बन चुका है। वह प्रिंटिंग और कंप्यूटर से जुड़े छोटे काम शुरू कर खुद का रोजगार खड़ा करने की तैयारी कर रही है। वर्षों तक बेटी के भविष्य को लेकर चिंतित रहने वाली उसकी मां राजेश्वरी सारथी भी अब राहत महसूस कर रही हैं। उनका कहना है कि प्रशासन की मदद से उनकी बेटी को जिंदगी में आगे बढ़ने का नया अवसर मिला है।
शिवांगी की कहानी केवल संघर्ष की दास्तान नहीं, बल्कि उन लोगों के लिए प्रेरणा है जो मुश्किल हालात में अपने सपनों को छोड़ देते हैं। उसने साबित कर दिया कि इंसान की असली ताकत उसकी सोच और हिम्मत में होती है। जब इरादे मजबूत हों, तो अंधेरा भी रास्ता रोक नहीं सकता।















