The Duniyadari: Bilaspur में सड़क सुरक्षा को लेकर यातायात पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ व्यापक अभियान छेड़ दिया है। तेज रफ्तार, खतरनाक ड्राइविंग और लापरवाही से वाहन चलाने वालों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। जनवरी से मई 2026 के बीच पुलिस ने 14,372 मामलों में चालान जारी कर बड़ी कार्रवाई की है।
यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए पुलिस आधुनिक तकनीकों का सहारा ले रही है। शहर में लगाए गए एएनपीआर सिस्टम, इंटरसेप्टर वाहन, स्पीड राडार गन और हाईटेक निगरानी कैमरों के जरिए वाहनों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक अधिकांश सड़क हादसों के पीछे तेज रफ्तार, यातायात नियमों की अनदेखी और नशे की हालत में वाहन चलाना प्रमुख वजह है।
इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) के तहत शहर के प्रमुख मार्गों और चौक-चौराहों पर 550 से अधिक कैमरे सक्रिय हैं। इन कैमरों की मदद से ओवरस्पीडिंग, स्टंटबाजी, मोबाइल पर बात करते हुए वाहन चलाना और रील बनाने जैसी खतरनाक गतिविधियों को चिन्हित कर ऑनलाइन चालान की कार्रवाई की जा रही है।
आंकड़ों के अनुसार मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 112/183 के तहत तेज गति से वाहन चलाने के 4,809 मामलों में कार्रवाई की गई है। वहीं धारा 184 के अंतर्गत लापरवाही और खतरनाक तरीके से वाहन चलाने के 9,567 प्रकरण दर्ज किए गए हैं।
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि गंभीर मामलों में केवल चालान तक कार्रवाई सीमित नहीं रहेगी। नियमों का बार-बार उल्लंघन करने वालों के ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित या निरस्त करने की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है। इसके लिए परिवहन विभाग को रिपोर्ट भेजी जा रही है।
यातायात पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि सड़क को स्टंट और सोशल मीडिया रील बनाने का मंच न बनाएं। नियमों का पालन कर सुरक्षित ड्राइविंग करें, क्योंकि अब शहर की सड़कों पर हर गतिविधि कैमरों की निगरानी में है और लापरवाही करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई तय है।















