The Duniyadari: दंतेवाड़ा/Raipur- छत्तीसगढ़ के सुदूर वनांचल और दुर्गम इलाकों तक शासन की पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। दंतेवाड़ा कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव ने विकासखंड गीदम के दूरस्थ गांवों का दौरा कर ग्रामीणों से सीधे संवाद किया और जमीनी स्तर पर शासकीय योजनाओं की स्थिति का जायजा लिया।
कलेक्टर ने अधिकारियों के साथ कठिन पहाड़ी और वन मार्गों से पैदल यात्रा कर ग्राम पंचायत गुमलनार के आश्रित गांव भिरसापारा और पालोडी का दौरा किया। दुर्गम रास्तों से होकर प्रशासनिक अमले के गांव पहुंचने पर ग्रामीणों में उत्साह का माहौल देखने को मिला। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों के बीच बैठकर आवागमन, राशन, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं की जानकारी ली।
भिरसापारा में आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण करते हुए बच्चों को मिलने वाले पोषण आहार और शैक्षणिक गतिविधियों की समीक्षा की गई। वहीं स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति जानने के लिए मितानिनों और स्वास्थ्य कर्मियों से चर्चा कर गर्भवती महिलाओं की देखभाल, टीकाकरण और मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी ली गई। अधिकारियों को इन सेवाओं को और बेहतर बनाने के निर्देश भी दिए गए।
इसके बाद कलेक्टर पालोडी पहुंचे, जहां ग्रामीणों की समस्याएं सुनकर संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। वापसी के दौरान उन्होंने इंद्रावती नदी पार कर गुमलनार पहुंचकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों से भी चर्चा की। सरपंच मालती इस्तामी ने बरसात के दौरान नदी के कारण आवागमन प्रभावित होने की समस्या उठाई, जिस पर प्रशासन ने समाधान के लिए आवश्यक पहल का भरोसा दिलाया।
कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव ने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम छोर तक रहने वाले लोगों तक पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों से नियमित रूप से दूरस्थ क्षेत्रों का दौरा कर समस्याओं के त्वरित समाधान सुनिश्चित करने की बात कही। उनके अनुसार स्थानीय जरूरतों के अनुरूप विकास कार्यों को प्राथमिकता देकर ग्रामीण क्षेत्रों में सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।
यह दौरा केवल निरीक्षण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि प्रशासन और ग्रामीणों के बीच भरोसा बढ़ाने तथा विकास की मुख्यधारा से दूर बसे लोगों को जोड़ने की दिशा में एक सार्थक प्रयास साबित हुआ।















