Wednesday, June 24, 2026
Home Breaking हॉस्पिटल पर स्वास्थ्य विभाग सख्त, जांच में मिलीं गंभीर खामियां, जारी हुआ...

हॉस्पिटल पर स्वास्थ्य विभाग सख्त, जांच में मिलीं गंभीर खामियां, जारी हुआ नोटिस…

7

The Duniyadari: Raipur/जीपीएम- जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने निजी अस्पतालों पर निगरानी तेज कर दी है। इसी क्रम में पेंड्रारोड स्थित डीडी हॉस्पिटल में स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने विस्तृत निरीक्षण किया। जांच के दौरान अस्पताल के संचालन और उपचार व्यवस्था में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आने पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) ने अस्पताल प्रबंधन को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

जांच रिपोर्ट के अनुसार, एक्लेम्सिया जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित महिला मरीज का उपचार ऐसे अस्पताल में किया गया, जहां इस प्रकार के जटिल मामलों के लिए आवश्यक उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध नहीं थीं। विभाग ने इसे चिकित्सा मानकों के विपरीत मानते हुए अस्पताल प्रबंधन से जवाब मांगा है।

निरीक्षण के दौरान यह भी पाया गया कि 17 और 18 जून को अस्पताल में भर्ती मरीजों की देखरेख के लिए आवश्यक चिकित्सक और दक्ष चिकित्सा स्टाफ मौजूद नहीं थे। जबकि नियमों के अनुसार आपातकालीन सेवाओं के लिए 24 घंटे डॉक्टरों की उपलब्धता अनिवार्य है। अस्पताल के वार्डों में ऑपरेशन के बाद कई मरीज भर्ती मिले, लेकिन उनकी निगरानी के लिए जिम्मेदार चिकित्सक मौके पर मौजूद नहीं थे।

स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अस्पताल में स्त्री रोग विशेषज्ञ, सर्जन, एनेस्थेटिस्ट और अन्य प्रशिक्षित चिकित्सा कर्मियों की नियमित उपलब्धता पर भी सवाल उठाए हैं। इसके अलावा मरीजों की चौबीसों घंटे निगरानी के लिए आवश्यक आवासीय चिकित्सा अधिकारी की व्यवस्था भी नहीं पाई गई।

जांच के दौरान आयुष्मान भारत योजना से जुड़े एक मामले में भी गंभीर शिकायत सामने आई। आरोप है कि योजना के तहत उपचार प्राप्त करने वाले मरीजों से निर्धारित पैकेज राशि के अतिरिक्त करीब डेढ़ लाख रुपये वसूले गए। विभाग ने इस मामले की अलग से जांच शुरू कर दी है।

सीएमएचओ द्वारा जारी नोटिस में कहा गया है कि अस्पताल ने छत्तीसगढ़ राज्य उपचर्यागृह एवं रोगोपचार संबंधी स्थापनाएं अनुज्ञापन अधिनियम-2010 के तहत निर्धारित कई मानकों का पालन नहीं किया। अस्पताल प्रबंधन को तीन दिनों के भीतर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर लिखित स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए गए हैं। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मरीजों के जीवन और स्वास्थ्य सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। स्वास्थ्य संस्थानों की नियमित निगरानी जारी रहेगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।