Wednesday, June 24, 2026
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आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को बड़ी राहत: अब अपनी पसंद की साड़ी चुन सकेंगी, राशि सीधे खाते में आएगी

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The Duniyadari: Raipur- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और जनहितैषी बनाने की दिशा में लगातार सुधारात्मक कदम उठा रही है। इसी कड़ी में महिला एवं बाल विकास विभाग ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के हित में एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। अब उनके लिए साड़ी की केंद्रीकृत खरीदी नहीं होगी, बल्कि निर्धारित राशि सीधे उनके बैंक खातों में हस्तांतरित की जाएगी।

महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने बताया कि विभाग द्वारा लंबे समय से संचालित केंद्रीकृत खरीदी व्यवस्था को समाप्त करने का निर्णय लिया गया है। हाल के समय में साड़ी खरीदी प्रक्रिया को लेकर सामने आए सुझावों और शिकायतों की समीक्षा के बाद यह कदम उठाया गया है। नई व्यवस्था से कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को अपनी पसंद तथा आवश्यकता के अनुसार साड़ी खरीदने की स्वतंत्रता मिलेगी।

मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार की डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) नीति के अनुरूप यह पहल की जा रही है, जिससे शासन की राशि सीधे लाभार्थियों तक पहुंचे और किसी प्रकार की अनावश्यक प्रक्रिया या बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो सके। उन्होंने बताया कि विभाग साड़ी का रंग और निर्धारित डिजाइन अपनी वेबसाइट पर उपलब्ध कराएगा, ताकि प्रदेशभर में एकरूपता बनी रहे। वहीं कपड़े की गुणवत्ता और प्रकार का चयन संबंधित कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं स्वयं कर सकेंगी।

राजवाड़े ने कहा कि विभाग आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के सम्मान, सुविधा और अधिकारों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है। विभागीय व्यवस्थाओं की समय-समय पर समीक्षा की जा रही है और जहां आवश्यकता होगी, वहां हितग्राहियों के हित में बदलाव किए जाएंगे।

गौरतलब है कि भारत सरकार की बाल विकास सेवा योजना के तहत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को प्रतिवर्ष दो यूनिफॉर्म उपलब्ध कराने का प्रावधान है। प्रत्येक यूनिफॉर्म के लिए अधिकतम 500 रुपये की राशि निर्धारित है। विभाग का यह निर्णय सुशासन, पारदर्शिता और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण आधारित प्रशासनिक सुधारों की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।