The Duniyadari: कोरबा, 29 जून 2026/ राज्य एवं केंद्र सरकार के सहकारिता मंत्रालय के दिशानिर्देशानुसार सहकारिता आंदोलन की भावना को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से आज से देशव्यापी ‘सहकारी सप्ताह’ का शुभारंभ हुआ। यह विशेष सप्ताह 29 जून से 6 जुलाई 2026 तक जिले सहित पूरे देश में विभिन्न जनजागरूकता एवं सहकारिता आधारित गतिविधियों के साथ मनाया जाएगा।
सहकारी सप्ताह के प्रथम दिवस पर जिला कोरबा की सभी 60 प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (पैक्स) के मुख्यालयों तथा जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित बिलासपुर की जिला कोरबा स्थित सभी 08 शाखाओं में एक साथ सहकारिता के सतरंगे ध्वज का ध्वजारोहण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर सहकारिता के मूल्यों, सिद्धांतों एवं सामूहिक विकास की भावना को सुदृढ़ करने का संकल्प लिया गया।

जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित बिलासपुर के अंतर्गत नोडल कार्यालय, शाखा कोरबा में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में सहकारिता प्रकोष्ठ से जुड़े श्री ब्रजेन्द्रधर शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर माँ भारती के तैलचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की तथा सहकारिता के प्रतीक सतरंगे ध्वज का ध्वजारोहण किया। इसके पश्चात उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों एवं कृषकों ने सामूहिक रूप से सहकारिता गान प्रस्तुत कर ध्वज को सलामी दी तथा सहकारिता के सिद्धांतों का पालन करते हुए समाज एवं कृषि क्षेत्र के विकास में सक्रिय सहभागिता निभाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में सहकारिता प्रकोष्ठ के जिला कार्यकारिणी सदस्य श्री अमित पटेल, श्री कमलेश प्रधान एवं सदस्य श्री ब्रजेश कुमार यादव की गरिमामयी उपस्थिति रही।
इस अवसर पर जिला सहकारी बैंक, जिला क्षेत्र कोरबा के नोडल अधिकारी श्री सुशील कुमार जोशी, सहायक नोडल श्री मुकेश पटेल, शाखा प्रबंधक (कोरबा) श्रीमती सरिता पाठक, पर्यवेक्षक श्री जमाल खान, बैंक स्टाफ श्री कुशल तिवारी सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कृषक बंधुओं ने भी सहभागिता करते हुए सहकारिता के माध्यम से कृषि विकास, आत्मनिर्भरता एवं आपसी सहयोग को बढ़ावा देने का संकल्प लिया।
सहकारी सप्ताह के दौरान जिले की सभी सहकारी संस्थाओं में सहकारिता के सिद्धांतों के प्रचार-प्रसार, कृषक हितैषी योजनाओं की जानकारी, जनजागरूकता कार्यक्रम एवं विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा, जिससे सहकारिता आंदोलन को और अधिक सशक्त एवं जनोन्मुख बनाया जा सके।















