The Duniyadari: दुर्ग-भिलाई- जिले में शराब के नशे में यात्री बस चलाने वाले चालक के खिलाफ अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए उसे तीन दिन के साधारण कारावास और 15 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। यह दुर्ग जिले का पहला मामला बताया जा रहा है, जिसमें नशे की हालत में सार्वजनिक बस चलाने पर चालक को जेल भेजा गया है।
जानकारी के अनुसार, सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए ट्रैफिक पुलिस विशेष जांच अभियान चला रही थी। इसी दौरान राजनांदगांव-दुर्ग-भिलाई मार्ग पर संचालित एक यात्री बस को जांच के लिए रोका गया। बस में बड़ी संख्या में यात्री सवार थे।
जांच के दौरान चालक जितेंद्र देवांगन की गतिविधियां संदिग्ध लगने पर पुलिस ने उसका ब्रीथ एनालाइजर टेस्ट कराया। परीक्षण में चालक के शराब के नशे में होने की पुष्टि हुई। पुलिस अधिकारियों ने इसे यात्रियों की सुरक्षा के साथ गंभीर खिलवाड़ माना।
मामले में पुलिस ने मोटरयान अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर अदालत में पेश किया। सुनवाई के बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) कोर्ट ने चालक को दोषी मानते हुए 15 हजार रुपये का जुर्माना और तीन दिन की साधारण जेल की सजा सुनाई।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह फैसला शराब पीकर वाहन चलाने वालों के लिए कड़ा संदेश है। सार्वजनिक परिवहन में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ भविष्य में भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।















