The Duniyadari: चमोली- उत्तराखंड के चमोली जिले में निर्माणाधीन मायापुर-पीपलकोटी टनल में गुरुवार शाम अचानक पानी और मलबा घुसने से बड़ा हादसा हो गया। हादसे में छत्तीसगढ़ और झारखंड के 7 मजदूरों की मौत की जानकारी सामने आई है। वहीं 22 श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, जबकि कुछ मजदूर घायल बताए जा रहे हैं और 6 श्रमिकों की तलाश जारी है।
टनल में अचानक घुसा पानी और मलबा
बताया जा रहा है कि विष्णुगाड-पीपलकोटी पनबिजली परियोजना की निर्माणाधीन सुरंग में मजदूर काम कर रहे थे। इसी दौरान पहाड़ी हिस्से से अचानक पानी के साथ भारी मलबा टनल के भीतर आ गया। घटना इतनी तेजी से हुई कि वहां काम कर रहे श्रमिकों को संभलने का पर्याप्त समय नहीं मिल सका।
हादसे के दौरान छत्तीसगढ़ के दो मजदूरों के घायल होने की जानकारी भी सामने आई है। घायलों को बाहर निकालने के बाद उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। घायल श्रमिक सुनील दीवान ने बताया कि वह टनल में सरिया बांधने का काम कर रहे थे, तभी अचानक पानी और मलबा तेजी से अंदर आने लगा।
22 मजदूरों को सुरक्षित निकाला गया
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन, पुलिस और राहत-बचाव दल सक्रिय हो गए। टनल के अंदर फंसे श्रमिकों को बाहर निकालने के लिए बड़े स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। अभियान के दौरान 22 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जबकि लापता श्रमिकों की तलाश अभी जारी है।
बचाव कार्य में मशीनों और अन्य संसाधनों की मदद ली जा रही है। प्रशासन लगातार टनल की स्थिति पर नजर बनाए हुए है ताकि रेस्क्यू अभियान को सुरक्षित तरीके से आगे बढ़ाया जा सके।
सुरक्षा व्यवस्था पर फिर उठे सवाल
इस घटना के बाद निर्माणाधीन टनल में श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। बताया जा रहा है कि इससे पहले भी दिसंबर में इसी टनल में लोको ट्रेन की टक्कर से हादसा हो चुका है। लगातार सामने आ रही घटनाओं ने परियोजना स्थल पर सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा की जरूरत बढ़ा दी है।
फिलहाल प्रशासन का पूरा ध्यान लापता मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालने और घायलों को उपचार उपलब्ध कराने पर है। हादसे की पूरी वजह और जिम्मेदारी से जुड़े पहलुओं की जानकारी जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।




























