Saturday, August 29, 2026
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10 हजार रुपये लिए, रसीद नहीं दी? वायरल वीडियो के बाद पुलिस की चेकिंग पर उठे सवाल

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The Duniyadari: महिला ने रकम देने के बाद भुगतान की रसीद मांगी तो पुलिसकर्मियों से हुई तीखी बहस, जांच में जुटे अधि

इंदौर। लसूड़िया थाना क्षेत्र में देर रात वाहनों की जांच के दौरान पुलिस और एक महिला के बीच हुआ विवाद अब जांच का विषय बन गया है। महिला ने पुलिसकर्मियों पर आरोप लगाया है कि कार्रवाई से बचाने के नाम पर उससे 10 हजार रुपये लिए गए, लेकिन रकम लेने के बाद किसी तरह की रसीद नहीं दी गई। घटना से जुड़ा वीडियो सामने आने के बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने मामले को संज्ञान में लेते हुए जांच शुरू कर दी है।

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वाहन रोकने के बाद बढ़ा विवाद

बताया जा रहा है कि दो दिन पहले रात के समय लसूड़िया क्षेत्र में पुलिस द्वारा ट्रक और ड्राइवरों की जांच की जा रही थी। इसी दौरान विजय सोनाने को पुलिस टीम ने रोका। महिला के मुताबिक, वाहन को लेकर पुलिसकर्मियों ने चालानी कार्रवाई और उसे जब्त करने की बात कही।

महिला का दावा है कि इसी दौरान उससे 10 हजार रुपये मांगे गए। आरोप के अनुसार, उसने एटीएम से पैसे निकालकर पुलिसकर्मियों को रकम दे दी। हालांकि, पैसे देने के बाद भी उसे चालान या भुगतान से संबंधित कोई दस्तावेज नहीं दिया गया।

रसीद को लेकर पुलिस से भिड़ी महिला

रकम देने के बाद जब महिला ने भुगतान की रसीद मांगी तो मौके पर पुलिसकर्मियों के साथ उसकी तीखी बहस हो गई। महिला लगातार यह सवाल करती रही कि यदि 10 हजार रुपये चालान के तौर पर जमा किए गए हैं तो उसका प्रमाण क्यों नहीं दिया जा रहा।

इसी दौरान महिला के पति विजय ने मोबाइल से पूरी घटना रिकॉर्ड कर ली। वीडियो में महिला पुलिसकर्मियों से रकम और रसीद को लेकर सवाल करती दिखाई दे रही है।

सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आने के बाद जांच

घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस विभाग में भी इसकी चर्चा शुरू हो गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए अधिकारियों ने वीडियो और महिला द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच शुरू कर दी है।

फिलहाल पुलिस की ओर से यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि महिला से ली गई 10 हजार रुपये की रकम वास्तव में चालान से जुड़ी थी या किसी अन्य कार्रवाई के तहत ली गई थी। जांच के बाद ही इस संबंध में स्थिति साफ होने की उम्मीद है।

थाने के इंस्पेक्टर पर भी लगाए आरोप

महिला ने लसूड़िया थाना प्रभारी मनीष चौहान को लेकर भी शिकायतनुमा आरोप लगाए हैं। उसका कहना है कि उसने इंस्पेक्टर से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उसे कोई जवाब नहीं मिला।

वहीं, एडिशनल डीसीपी अमरेंद्र सिंह ने कहा है कि वायरल वीडियो समेत पूरे मामले की पड़ताल की जा रही है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटनास्थल पर वास्तव में क्या हुआ था और लगाए गए आरोप कितने सही हैं।

जांच के बाद खुलेगा 10 हजार रुपये का राज

फिलहाल पूरे मामले का सबसे अहम बिंदु 10 हजार रुपये की रकम और उसकी रसीद को लेकर है। महिला का आरोप सही पाया जाता है तो पुलिस की चालानी प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े हो सकते हैं। वहीं, जांच में यदि रकम किसी वैध कार्रवाई से जुड़ी पाई जाती है तो उसकी प्रक्रिया और दस्तावेज भी सामने आने की उम्मीद है।

वीडियो वायरल होने के बाद मामला अब सिर्फ पुलिस और महिला के बीच हुए विवाद तक सीमित नहीं रहा, बल्कि चेकिंग के दौरान होने वाली वित्तीय कार्रवाई की पारदर्शिता पर भी सवाल उठने लगे हैं। अब सबकी नजर पुलिस की जांच रिपोर्ट पर है।