The Duniyadari: दल्लीराजहरा। पेयजल की समस्या को लेकर बालोद जिले में ग्रामीणों का आंदोलन अब टकराव की स्थिति में पहुंच गया है। आड़ेझर गांव के लोगों द्वारा बोइरडीही जलाशय से पीने के पानी की व्यवस्था करने की मांग पर शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन लगातार तीन दिनों तक चला। सड़क पर धरना और आमरण अनशन के चलते प्रशासन की मुश्किलें बढ़ीं, जिसके बाद पुलिस ने सुबह कार्रवाई करते हुए प्रदर्शनकारियों को मौके से हटा दिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पुलिस ने 102 पुरुषों को दल्लीराजहरा के ओपन थिएटर परिसर में रखा है, जबकि 30 से 40 महिलाओं को आईटीआई में पुलिस अभिरक्षा में ले जाया गया है। कार्रवाई के बाद इलाके में तनाव और नाराजगी का माहौल है।

ग्रामीणों की प्रमुख मांग थी कि बोइरडीही जलाशय से उनके गांव में पीने के पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। इसी मुद्दे को लेकर बड़ी संख्या में लोग सड़क पर उतर आए थे। प्रदर्शन में शामिल नौ ग्रामीणों ने आमरण अनशन भी शुरू कर दिया था। प्रशासन की ओर से आंदोलन समाप्त कराने के लिए लगातार तीन दिनों तक बातचीत और समझाइश की कोशिश की गई, लेकिन सहमति नहीं बन सकी।

इस आंदोलन का असर दल्लीराजहरा-महामाया मार्ग पर यातायात व्यवस्था पर भी पड़ा। महामाया, दुलकी और कलवर खदानों से कच्चा लोहा लेकर आने-जाने वाले वाहनों की आवाजाही बाधित होने से परिवहन प्रभावित हुआ।
पुलिस की कार्रवाई से ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ गई है। सूत्रों के मुताबिक, कार्रवाई के विरोध में गांव के लोग एकजुट होकर सामूहिक गिरफ्तारी देने का कदम उठा सकते हैं। फिलहाल, पेयजल की मांग को लेकर शुरू हुआ यह विवाद प्रशासन और ग्रामीणों के बीच गंभीर मुद्दा बन गया है।














