कोरबा। जनवरी के अंतिम सप्ताह से शनि मार्गी हुए हैं और इसी के साथ जनपद पंचायत की ग्रह दशा में इन दिनों शनिदेव भारी पड़ते दिख रहा है। पहले सीईओ और अब मनरेगा के कर्ताधर्ता यानी बाबू को हटाकर करतला भेजा गया है। वही मनरेगा के टीए कमलेश मिश्रा को कोरबा से हटाकर कटघोरा भेजा गया है।
बता दें कि जनपद पंचायत कोरबा के अधिकारियों की मुश्किलें कम होने का नाम नही ले रही है। अभी-अभी तो सीईओ के खिलाफ कार्रवाई हुई थी ,और आज फिर से जनपद पंचायत कोरबा के महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना में पदस्थ बाबू योगेश सिंह को हटाकर करतला भेजा गया है। इसी तरह जय और वीरू की जोड़ी कहे जाने वाले टी ए यानी टेक्निकल असिस्टेंट को कटघोरा भेजा गया है। माना जा रहा है कि अब मनरेगा में हुए भ्रष्टाचार का पुलिंदा खुलने वाला है। बहरहाल एक के बाद एक लगातार चटक रहे विकेट के बाद जनपद पंचायत के बिगड़ैल अधिकारियों में “खली बलि” मच गई है।
विवादों से रहा है पुराना नाता
मनरेगा में पदस्थ रहे बाबू योगेश कुमार सिंह का विवादों से पुराना नाता रहा है। ग्रामीण क्षेत्रो में संजीवनी का काम करने वाले मनरेगा विंग का लीडरशिप करने वाले योगेश पर समय समय पर ठेकेदारी का भी आरोप लगता रहा है। ये बात अलग है कि सेटिंग के गठजोड़ से हर बार वे कार्रवाई से बचते रहे है। इस बार ईमानदार छवि के अधिकारी से पाला पड़ने पर ऐतिहासिक कार्रवाई हुई है। एक के बाद एक हो रहे कार्रवाई के बाद अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है।




























