Thursday, April 16, 2026
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Cabinet Breaking : थोड़ी देर में भूपेश कैबिनेट की बैठक…इन मुद्दों पर भी होगी चर्चा…जानिए क्या हो सकता है कैबिनेट में

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रायपुर। Cabinet Breaking : भूपेश कैबिनेट की अहम बैठक आज होगी। बैठक में आगामी बजट को मंजूरी दी जा सकती है। इस बार बजट एक लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का हो सकता है।

कैबिनेट बैठक में मंजूरी के बाद बजट को प्रकाशन के लिए भेजा जाएगा। विधानसभा का बजट सत्र एक मार्च से शुरू होगा। कैबिनेट में अनौपचारिक चर्चा में मंत्रियों को कांग्रेस के राष्ट्रीय अधिवेशन की जिम्मेदारी भी दी जा सकती है। कई कर्मचारी, शिक्षक संगठन अपनी मांगों को लेकर मुखर हैं। ऐसे में बजट प्रस्तावों में विभागों से कर्मचारियों के संदर्भ में आये प्रस्तावों पर भी कैबिनेट में चर्चा हो सकती है।

बेरोजगार युवाओं को हर महीने देगी बेरोजगारी भत्ता

राज्य सरकार बेरोजगार युवाओं को हर महीने बेरोजगारी भत्ता देगी। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की घोषणा के अनुरूप वित्तीय वर्ष 2023-24 से युवाओं को इसका लाभ मिलेगा। अधिकारिक सूत्रों की माने तो यह राशि 2500 रुपये तक प्रति माह हो सकती है। हालांकि राज्य के अधिकारियों ने एक हजार रुपये से लेकर एक से ढाई हजार रुपये तक बेरोजगारी भत्ता देने के लिए प्रस्ताव दिया है। प्रदेश में अनुमानित 10 लाख युवाओं को यह भत्ता देने का लक्ष्य है। इसके अनुसार सरकार को कितना भार आएगा, यह तय करके प्रस्ताव मुख्यमंत्री बघेल की अध्यक्षता में 20 फरवरी को होेने जा रही मंत्री परिषद की बैठक में रखा जाएगा। हालांकि राज्य सरकार पहले पंजीयन कराएगी कि प्रदेश में अब तक कितने बेरोजगार हैं। प्रदेश के बेरोजगार युवाओं को हर महीने बेरोजगारी भत्ता देने की घोषणा मुख्यमंत्री बघेल ने इस वर्ष गणतंत्र दिवस के अवसर पर किया था।

पूर्ववर्ती भाजपा सरकार में बेरोजगारों को हर महीने पांच सौ रुपये बेरोजगारी भत्ता देने का प्रविधान रखा गया था। उस समय सरकारी नियम ऐसे थे कि बड़ी संख्या में आवेदक अपात्र हो जाते थे। केवल तीन से पांच फीसद ही युवाओं को ये भत्ता मिल पाता था। भत्ते के लिए वही पात्र होते थे जो कि 12वीं तक शिक्षित हो, दो साल का जीवित रोजगार पंजीयन रखते हों। गरीबी रेखा के अंतर्गत जीवन यापन करने वाले परिवार से हो।यही नहीं, 2002 की बीपीएल सर्वे सूची में आवेदक का नाम भी होना चाहिए था। इसके अलावा परिवार के आय का प्रमाण पत्र हो, जिसके आधार पर प्रति सदस्य के अनुसार गणना की जाती रही । इन नियमों के तहत सौ फीसद आवेदक में बमुश्किल तीन से पांच फीसद पात्र होते थे। अब इस सरकार में भी नए नियम बनाए जा रहे हैं।