नई दिल्ली। RBI Monetary Policy: आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति की तीन दिनी बैठक 3 से 6 अप्रैल तक चलेगी। बैठक में विभिन्न घरेलू और वैश्विक कारकों पर विचार किया जाएगा। महंगाई के दौर में अनुमान जताया जा रहा है कि आरबीआई एक बार फिर से रेपो रेट बढ़ा सकता है। यदि ऐसा हो जाता है तो होम लोन, पर्सनल लोन, कार लोन, एजुकेशन लोन की दरें फिर बढ़ जाएंगी।
अनुमान है कि चालू वित्त वर्ष की पहली द्विमासिक मौद्रिक समीक्षा बैठक में एमसीपी रेपो रेट में 0.25 प्रतिशत की और वृद्धि का फैसला कर सकती है। विश्लेषकों का मानना है कि इसके साथ ही मई, 2022 से शुरू हुआ ब्याज दरों में बढ़ोतरी का सिलसिला थम जाएगा। RBI गवर्नर शक्तिकांत दास की अध्यक्षता वाली मौद्रिक नीति समिति की तीन दिनी बैठक के दौरान विभिन्न घरेलू और वैश्विक कारकों पर विचार किया जाएगा।
बता दें कि महंगाई को काबू में करने के लिए केंद्रीय बैंक मई, 2022 से रेपो दर में 2.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर चुका है। इसके बावजूद मुद्रास्फीति ज्यादातर समय आरबीआई के छह प्रतिशत के संतोषजनक स्तर से ऊपर बनी हुई है।
बता दें कि नवंबर और दिसंबर, 2022 में छह प्रतिशत से नीचे रहने के बाद खुदरा मुद्रास्फीति जनवरी में RBI के संतोषजनक स्तर को पार कर गई। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) पर आधारित मुद्रास्फीति जनवरी में 6.52 प्रतिशत और फरवरी में 6.44 प्रतिशत थी।













