The Duniyadari : कोरबा/अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाते हुए दो अलग-अलग मामलों में बड़ी कार्रवाई की है। कोरबा जिले में विद्युत विभाग के एक असिस्टेंट इंजीनियर को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया, जबकि अंबिकापुर में जमीन संबंधी काम के बदले घूस मांगने के मामले में रेवेन्यू इंस्पेक्टर को कोर्ट ने चार साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
कोरबा में ट्रांसफार्मर लगाने के बदले रिश्वत का मामला
कोरबा जिले के दीपका थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम रलिया निवासी किसान ने खेत में ट्रांसफार्मर स्थापना के लिए विद्युत विभाग में आवेदन किया था। आरोप है कि संबंधित असिस्टेंट इंजीनियर ने वैधानिक शुल्क के अलावा अवैध रूप से बड़ी रकम की मांग की। पीड़ित द्वारा पहले दी गई राशि के बाद जब अतिरिक्त पैसे देने से इनकार किया गया, तो उसने बिलासपुर स्थित ACB कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत की जांच में आरोप सही पाए जाने पर ACB ने 28 जनवरी को योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप कार्रवाई की। निर्धारित राशि लेते ही टीम ने आरोपी अधिकारी को मौके पर पकड़ लिया। तलाशी के दौरान रिश्वत की रकम भी बरामद कर ली गई। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
अंबिकापुर में जमीन प्रकरण में दोष सिद्ध, कोर्ट का कड़ा फैसला
दूसरा मामला सरगुजा जिले के अंबिकापुर से जुड़ा है, जहां जमीन से संबंधित दस्तावेज दुरुस्त करने के बदले रिश्वत मांगने के आरोप में रेवेन्यू इंस्पेक्टर को सजा सुनाई गई है। यह मामला वर्ष 2020 का है, जब पीड़िता ने ACB में शिकायत की थी। उस समय ट्रैप कार्रवाई कर आरोपी को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया था।
मामले की सुनवाई विशेष न्यायालय में चली, जहां सभी साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर न्यायालय ने 28 जनवरी 2026 को आरोपी को दोषी करार देते हुए चार साल के कठोर कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई।
ACB का स्पष्ट संदेश
एंटी करप्शन ब्यूरो ने कहा है कि प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। ACB ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी शासकीय कर्मचारी द्वारा रिश्वत की मांग की जाती है, तो बिना डर तत्काल इसकी सूचना दें, ताकि समय रहते सख्त कदम उठाया जा सके।





























