Monday, March 23, 2026
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Antagarh tape scandal: हाईकोर्ट की डबल बेंच ने ख़ारिज की FIR, मंतूराम पवार की याचिका का निपटारा

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बिलासपुर। Antagarh tape scandal: हाईकोर्ट ने छत्तीसगढ़ में बहुचर्चित अंतागढ़ टेप काण्ड मामले पर मंतूराम पवार की याचिका का निपटारा कर दिया है। इस मामले की सुनवाई के दौरान शासन की तरफ से पैरवी कर रहे महाधिवक्ता प्रफुल्ल भारत ने कोर्ट को बताया कि, इस केस में दर्ज एफआईआर का ख़ारिज खात्मा हो चुका है।

महाधिवक्ता से मिली जानकारी के अनुसार, इस केस में बीजेपी के पूर्व मंत्री राजेश मूणत, दिवंगत अजीत जोगी, उनके बेटे अमित जोगी, पूर्व सीएम डॉ. रमन सिंह के दमाद डॉ. पुनीत गुप्ता, मंतूराम पवार पर धोखाधड़ी और पैसों के प्रलोभन और भ्रष्टाचार अधिनियम की धाराओं के तहत जो मामला पंडरी थाने में दर्ज किया गया था। इस मामले में जांच पूरी करने के बाद क्लोज़र रिपोर्ट भी दाखिल हो चुकी है। जिसके बाद सभी पक्षों की दलील सुनने के बाद जस्टिस रजनी दूबे और जस्टिस रमेश सिन्हा की डिवीजन बेंच ने याचिका निराकृत कर दी है।

2014 में सामने आई थी सीडी

बता दें कि, वर्ष 2014 में अंतागढ़ विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में कांग्रेस ने मंतूराम पवार को प्रत्याशी बनाया था। ऐन वक्त पर उन्होंने नाम वापस लेकर भाजपा प्रत्याशी को वॉक ओवर दे दिया था। इस बीच एक सीडी सामने आई। जिसमें कथित तौर पर तत्कालीन कांग्रेस विधायक अमित जोगी, तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह के दामाद डॉ पुनीत गुप्ता आदि के बीच बातचीत में सात करोड़ रुपए की डील की बात सामने आई थी। इस मामले में कांग्रेस ने उसी समय एफआईआर दर्ज कराने के लिए पुलिस थाने में शिकायत की थी। लेकिन, मामला दर्ज नहीं किया गया था।

Antagarh tape scandal: बघेल सरकार ने शुरु करवाई थी जांच

वहीं वर्ष 2018 में प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने एसआईटी जांच शुरू करवा दी थी। इस मामले में कांग्रेस ने मुकदमा भी दर्ज कराया था। शिकायत में बताया गया कि, कांग्रेस पार्टी को नुकसान पहुंचाने के लिए पूर्व सीएम अजीत जोगी, तत्कालीन मंत्री राजेश मूणत, तत्कालीन विधायक अमित जोगी और लोक सेवक डॉ. पुनीत गुप्ता ने साजिश रची थी। कांग्रेस प्रत्याशी को प्रलोभन देकर नाम वापस कराया था। लेकिन बाद में मंतूराम पवार भाजपा में शामिल हो गए थे। लेकिन राज्य में बीजेपी सरकार आने के बाद अब केस बंद कर दिया गया है।