The Duniyadari: नई दिल्ली/रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने सोमवार को पार्टी की नई राष्ट्रीय टीम का ऐलान कर दिया। नई टीम में अनुभवी नेताओं के साथ युवा चेहरों को भी जगह दी गई है। संगठन में महिलाओं और विभिन्न सामाजिक वर्गों को प्रतिनिधित्व देने पर भी विशेष जोर दिखाई दिया है। पार्टी की नई टीम में 13 राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नियुक्त किए गए हैं, जबकि कुल 10 महिला नेताओं को राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गई हैं।
छत्तीसगढ़ को मिली अहम जिम्मेदारी
नई टीम में छत्तीसगढ़ से महासमुंद की भाजपा सांसद रूपकुमारी चौधरी को पार्टी के महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। उनके राष्ट्रीय स्तर पर इस महत्वपूर्ण पद पर पहुंचने से छत्तीसगढ़ भाजपा में उत्साह का माहौल है। रूपकुमारी चौधरी लंबे समय से संगठन में सक्रिय रही हैं और उन्होंने पंचायत स्तर से अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत की थी। वर्ष 2011 में वे महासमुंद भाजपा महिला मोर्चा की महामंत्री भी रह चुकी हैं।
स्मृति ईरानी की राष्ट्रीय संगठन में वापसी
नई टीम में पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी की भी महत्वपूर्ण वापसी हुई है। उन्हें राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया है। स्मृति ईरानी इससे पहले भाजपा महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल चुकी हैं।
वसुंधरा राजे, राम माधव और बैजयंत पांडा उपाध्यक्ष
भाजपा की नई राष्ट्रीय टीम में राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, वरिष्ठ नेता राम माधव, ओडिशा के बैजयंत जय पांडा और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत समेत कुल 13 नेताओं को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है। इसके अलावा कई अन्य नेताओं को राष्ट्रीय महासचिव, सचिव और संगठन से जुड़ी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गई हैं।
संगठन को नई गति देने का संदेश
भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन ने नई टीम के सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि अनुभव और ऊर्जा से समृद्ध यह टीम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में संगठन को नई गति प्रदान करेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि सभी पदाधिकारी कार्यकर्ता भाव से संगठन को और मजबूत करते हुए ‘विकसित भारत’ के संकल्प और राष्ट्रसेवा के ध्येय को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे।
नई राष्ट्रीय टीम में महिलाओं, युवाओं, अनुभवी नेताओं और विभिन्न क्षेत्रों को प्रतिनिधित्व देकर भाजपा ने अपने संगठनात्मक विस्तार और आगामी राजनीतिक चुनौतियों के लिए व्यापक संतुलन साधने का प्रयास किया है।































