Tuesday, March 31, 2026
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SHO और कॉन्स्टेबल के बीच थे समलैंगिक रिश्ते, ब्लैकमेलिंग का हुआ खेल; SP ने लिया ये एक्शन

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राजस्थान। नागौर पुलिस के सितारे इन दिनों गर्दिश में हैं. एक तरफ आए दिन हो रही अपराधिक घटनाओं ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए हैं वहीं दूसरी ओर अब एक थानेदार पर समलैंगिक संबंधों का आरोप लगने से जिले में खाकी एक बार फिर दागदार हुई है.

SHO और कांस्टेबल में समलैंगिक रिश्ते

राजस्थान (Rajasthan) के नागौर (Nagaur) जिले से पुलिस विभाग का चेहरा शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है. समलैंगिक रिश्तों (Homosexual Relationships) की कहानी का खुलासा और वीडियो वायरल होने के बाद SHO और कांस्टेबल दोनों को सस्पेंड कर दिया. आपको बता दें कि इनकी तैनाती डेगाना थाने में थी.

कांस्टेबल ने किया एसएचओ को ब्लैकमेल

पुलिस के मुताबिक, निलंबित एसएचओ गोपाल कृष्ण चौधरी ने खींवसर थाने में FIR दर्ज कराते हुए आरोप लगाया था कि कांस्टेबल प्रदीप चौधरी वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उसे लगातार पैसे के लिए ब्लैकमेल कर रहा है. कांस्टेबल अब तक SHO से ढाई लाख रुपये ले चुका था.

‘कैश और गाड़ी की डिमांड पर टूटा सब्र’

कांस्टेबल ने जब थानाधिकारी से पांच लाख रुपए और एक गाड़ी की डिमांड की जिसके बाद थानाधिकारी ने नागौर पुलिस अधीक्षक राममूर्ति जोशी के सामने पेश होकर उन्हें पूरे मामले की जानकारी दी. एसपी ने केस दर्ज होने के बाद मामले की जांच नागौर CO विनोद कुमार को सौंपी तो सभी तथ्य सही पाए जाने के बाद कांस्टेबल को गिरफ्तार कर लिया गया.

7 महीने से रिश्तों में थे दोनों

दोनों के बीच पिछले सात महीने से ऐसे संबंध बने हुए थे. कांस्टेबल और थानाधिकारी दोनों वीडियो चैट कर अश्लील हरकतें करते थे. नागौर पुलिस अधीक्षक राममूर्ति जोशी ने पुलिस विभाग का चेहरा शर्मसार करने वाली इस घटना को देखते हुए कांस्टेबल और थानाधिकारी को निलंबित कर दिया.

थानेदार पर एक और गंभीर आरोप

कांस्टेबल के साथ समलैंगिक संबंधों के आरोप में निलंबित हुए खींवसर थानाधिकारी गोपाल कृष्ण पर एक और गंभीर आरोप लगा है. ये आरोप एक विधवा महिला ने लगाए हैं. जिसका कहना है कि खींवसर थानाधिकारी और 3 कांस्टेबलों ने उनके साथ बुरी तरह से पेश आने के दौरान अश्लील और भद्दे शब्दों का इस्तेमाल करते हुए उसकी गरिमा को ठेस पहुंचाई है. पीड़िता 20 जून को अपने बेटे से मिलने खींवसर थाने पहुंची तो उसे उनके बच्चे से मिलने नही दिया गया. वहीं थानेदार गोपाल कृष्ण ने उसके साथ अश्लील भाषा का प्रयोग किया.