Saturday, August 29, 2026
Home देश Sidhu Moose Wala Murder केस : सिद्धू मूसेवाला की हत्या के बाद...

Sidhu Moose Wala Murder केस : सिद्धू मूसेवाला की हत्या के बाद फिरोजपुर जेल में खूनी गैंगवार, कई घायल, मन्ना का नाम लीक होने से मचा बवाल

695

नई दिल्ली/चंडीगढ़/ फिरोजपुर। पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला (Sidhu Moose Wala Murder Case) की हत्या के मामले में गैंगस्टर लॉरेंस विश्नोई (Gangster Lawrence Vishnoi) और कनाडा में बैठे ( Goldie Brar) गोल्डी बराड का नाम सामने आने पर पंजाब सहित उत्तर भारत में गैंगवार छिड़ गया है।

जानकारी के अनुसार फिरोजपुर सेंट्रल जेल (Firozpur Central Jail) के अंदर दो समूहों में सिद्धू मूसेवाला की हत्या को लेकर बहस हुई। बाद में यह बहस हिंसा में तब्दील हो गई और जेल के अंदर खूनी गैंगवार हुआ हुआ।

इस हिंसा में एक दर्जन से ज्यादा कैदी घायल हो गए। चार गंभीर घायल कैदियों को सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस हिंसा में एक दर्जन से ज्यादा कैदी घायल हो गए। हालांकि चार गंभीर घायल कैदियों को सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया।

जेल अधिकारियों का कहना है कि मनसा पुलिस फिरोजपुर जेल पहुंची थी, उन्होंने गैंगस्टर मनप्रीत सिंह मन्ना से पूछताछ के लिए वारंट दिया। ये भी बता दें कि पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला की हत्या के बाद इस हत्या को लेकर विभिन्न गैंग के गैंगस्टर्स भी एक बाद एक सोशल मीडिया पर पोस्ट कर रहे हैं। कुछ सिद्धू मूसेवाला की हत्या की जिम्मेदारी ले रहे हैं तो कोई इस हत्या को लेकर बदला लेने की बात कर रहा है।

गुप्त रखी गई गैंग की घटना

जेल सूत्रों की मानें तो मामूली घायल कैदियों का इलाज जेल के अंदर ही किया गया। जेल में हुई हिंसा की बात गुप्त रखी गई। जेल अधिकारियों ने बताया कि सिद्धू मूसेवाला की हत्या को देकर दो ग्रुप में बहस हुई। एक पक्ष हत्या का सही बता रहा था जबकि दूसरा इसकी आलोचना कर रहा था। ऐसा सिर्फ दो ग्रुपों के बीच नहीं हुआ। यह अन्य ग्रुपों तक भी फैल गया।

जेल अधिकारियों ने बताया कि हाई सिक्यॉरिटी सेल में बंद कैदियों के बीच भी इसे लेकर विवाद हो गया। कैदियों को जो मिला उन्होंने एक दूसरे पर फेंका, एक दूसरे पर लात-घूंसे चलाए। बाल खींचे और एक दूसरे को जमीन पर पटका।

कैसे शुरु हुआ विवाद

बताया जा रहा है कि जेल के अंदर दो गैंगस्टर्स के पास मोबाइल मिले। इन मोबाइल के जरिए संपर्क करके ही गैंस्टर्स ने मूसेवाला की हत्या करने की साजिश रची। जिस पर दूसरे ग्रुप से बहस हुई और यह हिंसा में तब्दील हुई।

सुरक्षा कमी के चलते खूनी हुआ संघर्ष

जेल सूत्रों ने बताया कि कैदियों का एक ग्रुप मन्ना के समर्थन में था। उनका कहना था कि उन्होंने सिद्धू मूसेवाला की हत्या में मन्ना का हाथ होने की सूचना लीक करके गलत किया।

इसी बात को लेकर हिंसा हुई। सूत्रों का कहना है कि घटना के समय जेल के अंदर उचित सुरक्षा नहीं थी। कैदियों को रोकने के लिए भी फास्ट इंतजाम नहीं किए गए जिससे विवाद खूनी हो गया।