Sunday, July 5, 2026
Home Breaking चर्च समिति के 7 पदाधिकारियों पर FIR, ईसाई परिवार के सामाजिक बहिष्कार...

चर्च समिति के 7 पदाधिकारियों पर FIR, ईसाई परिवार के सामाजिक बहिष्कार का आरोप

3

The Duniyadari: Bilaspur– जिले के कोटा स्थित सीएनआई (चर्च ऑफ नॉर्थ इंडिया) चर्च की नई प्रबंधन समिति के सात पदाधिकारियों के खिलाफ एक ईसाई परिवार के कथित सामाजिक बहिष्कार और मानसिक उत्पीड़न के मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। यह कार्रवाई न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (जेएमएफसी) के निर्देश के बाद की गई है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

शिकायत मिशन कंपाउंड निवासी हरीश लाल ने दर्ज कराई है। उनका आरोप है कि नई चर्च समिति के गठन के बाद से उन्हें और उनके परिवार को करीब दो वर्षों तक चर्च की धार्मिक एवं सामाजिक गतिविधियों से अलग रखा गया। इतना ही नहीं, सोशल मीडिया के जरिए समुदाय के लोगों से उनके परिवार से दूरी बनाए रखने और किसी भी सामाजिक कार्यक्रम में शामिल नहीं होने की अपील भी की गई।

हरीश लाल का कहना है कि उन्होंने पहले कोटा पुलिस से शिकायत की थी, लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर न्यायालय की शरण ली। इसके बाद जेएमएफसी कोर्ट ने मामले को गंभीर मानते हुए पुलिस को प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया। अदालत के निर्देश के बाद पुलिस ने सात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया।

एफआईआर में पास्टर मनीष आर. मसीह, सौरभ पीटर्स, राजा सोलोमन दास, अनिल मसीह, थियोडोर पीटर्स, सुनीलेश पीटर्स और सुलेमान दास को आरोपी बनाया गया है। इनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और नागरिक अधिकार संरक्षण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया गया है।

शिकायत में यह भी कहा गया है कि चर्च परिसर में आयोजित एक बैठक के बाद परिवार को कथित तौर पर “नॉट इन गुड स्टैंडिंग” घोषित कर चर्च समुदाय से अलग कर दिया गया। पीड़ित का आरोप है कि यह निर्णय बिना किसी वैधानिक प्रक्रिया के लिया गया, जिससे उनके सामाजिक जीवन के साथ-साथ मानसिक स्थिति पर भी प्रतिकूल असर पड़ा।

हरीश लाल ने यह भी आरोप लगाया कि रायपुर स्थित डायोसिस ऑफ छत्तीसगढ़ के बिशप ने इस बहिष्कार को अवैध बताते हुए निर्देश जारी किया था, लेकिन चर्च समिति ने उस आदेश का पालन नहीं किया। इसके अलावा उनके मिशन कंपाउंड स्थित कार गैराज के मुख्य द्वार पर ताला लगाए जाने का भी आरोप लगाया गया है, जिससे उनके व्यवसाय और आजीविका पर असर पड़ा।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) मधुलिका सिंह ने बताया कि न्यायालय के आदेश के अनुरूप मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस सोशल मीडिया पर किए गए कथित संदेशों, चर्च समिति की निर्णय प्रक्रिया और पूरे घटनाक्रम के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।