The Duniyadari: रायगढ़– धरमजयगढ़ वनमंडल के छाल परिक्षेत्र में बड़ा हादसा सामने आया है। सिंघीझाप स्थित घोघरा डेम में करीब 6 माह के हाथी शावक की डूबने से मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई शुरू कर दी है।
वनमंडलाधिकारी धरमजयगढ़ के मुताबिक 7 मई को लगभग 20 हाथियों का दल बोजिया परिसर के कक्ष क्रमांक 516 आरएफ में घूम रहा था। शाम 5:30 से 6:30 बजे के बीच यह दल सिंघीझाप परिसर के कक्ष क्रमांक 502 आरएफ की तरफ बढ़ा। देर रात 2 से 3 बजे के बीच हाथी घरघोड़ा परिक्षेत्र से लौटकर घोघरा डेम के पानी में उतरे। आशंका है कि इसी दौरान शावक डूब गया।
घटना के बाद दल के 15 हाथी लोटान क्षेत्र की ओर चले गए। बाकी 5 हाथी, जिनमें एक नर, तीन मादा और एक शावक शामिल थे, कक्ष क्रमांक 502 में ही रुके रहे।
8 मई को नियमित गश्त के दौरान हाथी ट्रैकर्स ने घोघरा डेम में शावक को मृत देखा और तुरंत वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी। मामले की गंभीरता देखते हुए तीन सदस्यीय पशु चिकित्सक दल मौके पर पहुंचा। टीम में डॉ. आशीष राठिया, डॉ. विवेक नायक और डॉ. अनिल कुमार सिंह शामिल थे। विशेषज्ञों की मौजूदगी में मृत शावक का पोस्टमार्टम कराया गया।
मौत की असल वजह जानने के लिए विषरा के सैंपल आईवीआरआई इज्जतनगर बरेली और नानाजी देशमुख वेटनरी साइंस यूनिवर्सिटी जबलपुर भेजे जा रहे हैं। वन विभाग ने नियमानुसार कार्रवाई शुरू कर दी है। साथ ही इलाके में हाथियों की निगरानी बढ़ा दी गई है।



































