Thursday, October 15, 2026
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दुर्ग हत्याकांड में अदालत का बड़ा फैसला: चेतन साहू की हत्या के मामले में तीन दोषियों को उम्रकैद

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The Duniyadari: दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग में चेतन साहू हत्याकांड में न्यायालय ने सख्त रुख अपनाते हुए तीन आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। करीब 10 महीने तक चली कानूनी प्रक्रिया के बाद प्रथम अपर सत्र न्यायालय ने यह फैसला सुनाया। मामला दिसंबर 2024 में हुई उस वारदात से जुड़ा है, जिसमें मुलाकात के बहाने बुलाए गए युवक पर जानलेवा हमला किया गया था।

मामले की पृष्ठभूमि पुलिस लाइन से जुड़ी है, जहां चेतन साहू और रोशनी लकड़ा के बीच परिचय हुआ था। समय के साथ दोनों की नजदीकियां बढ़ीं, लेकिन बाद में रोशनी का संपर्क दूसरे युवक से हो गया। अभियोजन के अनुसार, इसी रिश्ते से जुड़े विवाद ने गंभीर रूप ले लिया। दिसंबर 2024 में रोशनी अपनी मां के साथ दुर्ग पहुंची थी। इस दौरान चेतन उससे संपर्क करने की कोशिश कर रहा था। लगातार फोन आने से परेशान होकर रोशनी ने इसकी जानकारी अपने नए प्रेमी को दी।

अभियोजन के मुताबिक, इसके बाद चेतन को दुर्ग के कसारीडीह सिविल लाइन क्षेत्र में मिलने के लिए बुलाया गया। 29 दिसंबर 2024 की रात करीब साढ़े आठ बजे आयुष्मान अस्पताल के पास उस पर हमला किया गया। मारपीट में लाठी-डंडों और अन्य घातक हथियारों का इस्तेमाल किए जाने की बात जांच में सामने आई। गंभीर चोटों के चलते चेतन की जान चली गई।

वारदात के बाद पुलिस ने मामले की जांच करते हुए रोशनी लकड़ा, आकाश देशलहरा और कुलेश्वर साहू सहित अन्य संदिग्धों के खिलाफ कार्रवाई की थी। जांच के दौरान तीन नाबालिगों की संलिप्तता भी सामने आई थी। पुलिस ने हत्या समेत विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज कर साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय में मामला प्रस्तुत किया।

सुनवाई पूरी होने के बाद प्रथम अपर सत्र न्यायालय, दुर्ग ने तीनों आरोपियों को दोषी करार दिया। उपलब्ध सजा वारंट के अनुसार, भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1)/190 और 61(2) के तहत आजीवन कारावास तथा 500-500 रुपये का अर्थदंड लगाया गया। इसके अलावा धारा 191(2) में दो वर्ष और धारा 191(3) व 118(1) के तहत तीन-तीन वर्ष के कारावास सहित जुर्माने की सजा भी सुनाई गई। आदेश के मुताबिक, सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।

इस फैसले के साथ चेतन साहू हत्याकांड में आरोपियों की दोषसिद्धि पर न्यायिक निर्णय सामने आ गया है। मामले में पुलिस की जांच और अदालत में प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर यह फैसला सुनाया गया।