Saturday, July 25, 2026
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न्यूज एंकर सलमा हत्याकांड: अदालत में गूंजा चश्मदीद का बयान, सुनवाई ने लिया सनसनीखेज मोड़

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The Duniyadari: कोरबा के बहुचर्चित 2018 के न्यूज एंकर सलमा सुल्तान हत्याकांड की सुनवाई के दौरान विशेष सत्र न्यायालय में पेश एक चश्मदीद गवाह के बयान ने केस को नया और चौंकाने वाला मोड़ दे दिया। शुक्रवार को दर्ज गवाही में महिला गवाह ने अदालत को हत्या की रात के ऐसे दृश्य बताए, जिन्होंने पूरे घटनाक्रम को फिर से चर्चा के केंद्र में ला दिया।

गवाह ने बताया कि हत्या के बाद जिम ट्रेनर मधुर साहू का व्यवहार बेहद असामान्य और भयावह था। उसके अनुसार, आरोपी सलमा के शव को गोद में लेकर सिगरेट पीते हुए एक गीत गुनगुना रहा था, जो कथित तौर पर सलमा का पसंदीदा था। गवाह ने इस व्यवहार को असंवेदनशील और विचलित करने वाला बताया।

प्रेमजाल, धमकी और ब्लैकमेल की परतें

अदालत में गवाह ने खुलासा किया कि वह उस समय एक जिम में काम करती थी, जहां मधुर साहू से उसकी पहचान हुई। कुछ समय बाद उसे आरोपी के अन्य युवतियों के साथ संबंधों और आपत्तिजनक तस्वीरों की जानकारी मिली। संबंध खत्म करने की कोशिश पर आरोपी ने निजी तस्वीरें सार्वजनिक करने की धमकी देकर उसे कथित तौर पर ब्लैकमेल किया। इसी दौरान उसे सलमा सुल्तान और मधुर के साथ रहने की बात भी पता चली, जिनके बीच शक और विवाद की स्थिति बनी रहती थी।

हत्या की रात: झगड़ा, हिंसा और खामोशी

गवाह के मुताबिक, घटना की रात घर के अंदर तीखा विवाद हिंसक झगड़े में बदल गया। उसने दावा किया कि आरोपी ने सलमा पर हमला किया और बाद में एक अन्य व्यक्ति के साथ मिलकर उसे काबू में कर लिया। डर और धमकी के कारण मौजूद लोग तत्काल मदद के लिए बाहर नहीं जा सके। गवाह ने यह भी कहा कि बाद में उन्हें सबूत मिटाने के काम में शामिल होने के लिए मजबूर किया गया।

सबूत मिटाने की कथित कोशिश

गवाही में बताया गया कि हत्या के बाद ऐसा माहौल बनाने की कोशिश हुई मानो सलमा खुद कहीं चली गई हो। इसके लिए वाहन और मोबाइल से जुड़े कुछ कदम उठाए गए। मानसिक दबाव और भय के चलते गवाह तुरंत सच सामने नहीं ला सकी और इस सदमे का उस पर गहरा असर पड़ा।

दफन राज और शव की बरामदगी

यह मामला वर्षों तक रहस्य बना रहा। बाद में सड़क निर्माण के दौरान खुदाई में एक शव मिला, जिसकी पहचान सलमा सुल्तान के रूप में हुई। इसके बाद 2023 में इस केस में तीन आरोपियों की गिरफ्तारी हुई। चार्जशीट दाखिल होने और ट्रायल लंबित रहने के आधार पर उन्हें जमानत मिल चुकी है। फिलहाल विशेष सत्र न्यायालय में सुनवाई जारी है और चश्मदीद गवाह की ताजा गवाही को केस में अहम कड़ी माना जा रहा है।