The Duniyadari: दुर्ग- जिले के जेवरा-सिरसा चौकी क्षेत्र में हुए रामनारायण निषाद हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा करते हुए चौंकाने वाले तथ्य सामने रखे हैं।
जांच में पता चला है कि इस सनसनीखेज वारदात को पुरानी दुश्मनी के चलते एक नाबालिग ने अपने साथी के साथ मिलकर अंजाम दिया।
पुलिस ने मुख्य आरोपी नाबालिग को हिरासत में लेकर कार्रवाई की है, वहीं साक्ष्य मिटाने में सहयोग करने वाली एक महिला को भी गिरफ्तार किया गया है। मामले में एक अन्य आरोपी अभी भी फरार है, जिसकी तलाश जारी है।
घटना की जानकारी 26 अप्रैल को उस समय सामने आई, जब ग्राम करहीडीही निवासी एक व्यक्ति ने पुलिस को सूचना दी कि गांव के दुर्गा मंच के पीछे खेत में एक शव पड़ा हुआ है। मौके पर पहुंची पुलिस ने मृतक की पहचान रामनारायण निषाद उर्फ नारायण निषाद के रूप में की। शव के सिर पर गंभीर चोट के निशान मिले, जिससे मामला संदिग्ध लगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी।
जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और स्थानीय लोगों से पूछताछ की। इसी बीच मुखबिर की सूचना के आधार पर एक नाबालिग पर शक गहराया।
हिरासत में लेकर पूछताछ करने पर उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने बताया कि मृतक से उसका पुराना विवाद चल रहा था और पहले दर्ज कराई गई शिकायत के कारण वह बदला लेने की फिराक में था।
घटना की रात 25 अप्रैल को रामनारायण के नशे में होने का फायदा उठाकर आरोपियों ने पहले उसके साथ मारपीट की।
इसके बाद गमछे से उसके पैर बांधकर उसे घसीटते हुए खेत तक ले जाया गया, जहां पत्थरों से कुचलकर उसकी हत्या कर दी गई। वारदात के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए।
जांच में यह भी खुलासा हुआ कि गांव की एक महिला ने आरोपियों की मदद करते हुए सबूत मिटाने की कोशिश की। उसने खून से सने कपड़े और जूते को जलाकर पुलिस को गुमराह करने का प्रयास किया, जिसे बाद में पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने घटनास्थल से हत्या में प्रयुक्त पत्थर, जले हुए कपड़ों के अवशेष सहित कई अहम साक्ष्य बरामद किए हैं। अधिकारियों का कहना है कि फरार आरोपी की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है और जल्द ही उसे भी पकड़ लिया जाएगा। इस हत्याकांड के खुलासे के बाद पूरे इलाके में दहशत और चर्चा का माहौल बना हुआ है।















