The Duniyadari:
पश्चिम बंगाल की फलता विधानसभा सीट पर चुनावी माहौल उस वक्त बदल गया, जब तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के उम्मीदवार जहांगीर खान ने खुद को चुनावी प्रक्रिया से अलग करने का ऐलान कर दिया। खास बात यह रही कि यह फैसला प्रचार अभियान खत्म होने वाले दिन सामने आया, जिससे राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।
बीजेपी नेताओं ने इस घटनाक्रम को टीएमसी की कमजोरी बताते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी। बंगाल सरकार में मंत्री दिलीप घोष ने कहा कि अब सबको चुनावी नतीजों का अंदाजा हो चुका है, इसलिए प्रचार भी ठंडा पड़ गया है। उन्होंने दावा किया कि राज्य में टीएमसी की करारी हार तय है।
फलता, डायमंड हार्बर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है। यहां दोबारा मतदान की तैयारियों के बीच टीएमसी के बड़े नेताओं की गैरमौजूदगी भी चर्चा का विषय बनी रही। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने सवाल उठाया कि प्रचार के दौरान अभिषेक बनर्जी आखिर नजर क्यों नहीं आए।
वहीं नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने भी तंज कसते हुए कहा, “पुष्पा कहां है?”, जिसे राजनीतिक गलियारों में टीएमसी पर कटाक्ष के तौर पर देखा जा रहा है। चुनावी सरगर्मियों के बीच इस पूरे घटनाक्रम ने फलता सीट की लड़ाई को और ज्यादा दिलचस्प बना दिया है।















