The Duniyadari: वाहन सुविधा पर भी उठे सवाल, भारी फीस चुकाने के बाद भी बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशान विद्यार्थी; स्कूल की व्यवस्थाओं को लेकर अभिभावकों में नाराजगी
कोरबा। निजी स्कूलों में बेहतर शिक्षा और आधुनिक सुविधाओं की उम्मीद लेकर अभिभावक अपने बच्चों का दाखिला कराते हैं। इसके लिए उन्हें हर महीने भारी-भरकम फीस भी चुकानी पड़ती है। लेकिन जब इतनी फीस देने के बावजूद बच्चों को बुनियादी सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं हों, तो शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठना लाजिमी है। Brilliant Public School को लेकर सामने आ रही शिकायतें कुछ ऐसी ही तस्वीर बयां कर रही हैं।
आरोप है कि स्कूल में विद्यार्थियों से मोटी फीस वसूली जाती है, लेकिन इसके बावजूद सुविधाओं के नाम पर स्थिति संतोषजनक नहीं है। स्कूल की वाहन व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े किए जा रहे हैं। वहीं स्कूल की छत से पानी टपकने की शिकायत सामने आई है। जिस स्थान पर बच्चे रोजाना कई घंटे पढ़ाई करते हैं, वहां इस तरह की स्थिति होना उनकी सुरक्षा के लिहाज से गंभीर चिंता का विषय है।
गंदे बाथरूम, स्वच्छता व्यवस्था पर सवाल
स्कूल के बाथरूम में गंदगी होने की शिकायतें भी सामने आई हैं। बच्चों के स्वास्थ्य और स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए शिक्षण संस्थानों में साफ-सफाई की बेहतर व्यवस्था होना जरूरी है। लेकिन आरोप है कि यहां विद्यार्थियों को गंदे शौचालयों की समस्या का सामना करना पड़ता है। ऐसे में सवाल उठता है कि बच्चों को स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी आखिर कौन निभाएगा?
शिक्षकों पर बच्चों के साथ मारपीट करने के आरोप
मामले का सबसे गंभीर पहलू शिक्षकों के व्यवहार से जुड़ा है। आरोप लगाए जा रहे हैं कि स्कूल में कुछ शिक्षक बच्चों के साथ मारपीट करते हैं। यदि इन शिकायतों की पुष्टि होती है, तो यह बेहद गंभीर मामला है। शिक्षा के मंदिर में बच्चों को अनुशासन और संस्कार सिखाए जाने चाहिए, न कि मारपीट और डर के माहौल में रखने की शिकायतें सामने आनी चाहिए। बच्चों के साथ किसी भी प्रकार की शारीरिक हिंसा स्वीकार्य नहीं हो सकती।
भारी फीस के बदले आखिर कैसी मिल रही सुविधाएं?
अभिभावक अपने बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए अपनी मेहनत की कमाई का बड़ा हिस्सा स्कूल की फीस में खर्च करते हैं। ऐसे में वाहन सुविधा, स्वच्छ शौचालय, सुरक्षित भवन और भयमुक्त वातावरण जैसी बुनियादी अपेक्षाएं पूरी होना जरूरी है। Brilliant Public School को लेकर सामने आई इन शिकायतों ने स्कूल की सुविधाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
अब जरूरत है कि इन शिकायतों की निष्पक्षता से जांच हो और बच्चों को सुरक्षित, स्वच्छ एवं बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिले। आखिर बच्चों की शिक्षा और सुरक्षा से जुड़ी जिम्मेदारियों में किसी भी तरह की लापरवाही को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।














