The Duniyadari: कोरिया- जिले में रेत कारोबार को लेकर लंबे समय से चल रहा विवाद मंगलवार देर रात खूनी संघर्ष में बदल गया। इस घटना में भाजपा नेता एवं पूर्व जनपद पंचायत उपाध्यक्ष भरत सिंह गहरवार उर्फ लल्ला सिंह की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए। घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है और राजनीतिक गलियारों में भी हलचल मचा दी है।
जानकारी के अनुसार, भरत सिंह गहरवार अपने सहयोगियों के साथ नवगई क्षेत्र पहुंचे थे। इसी दौरान कुछ लोगों ने उनकी फॉर्च्यूनर गाड़ी को घेर लिया। आरोप है कि हमलावरों ने पहले एक भारी वाहन से उनकी कार को कई बार टक्कर मारी, जिससे वाहन क्षतिग्रस्त हो गया। इसके बाद कार पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा दी गई।
बताया जा रहा है कि आग लगने के बाद वाहन में सवार लोग बाहर निकलने के लिए संघर्ष करते रहे, लेकिन हालात इतने भयावह थे कि भरत सिंह गहरवार वाहन से बाहर नहीं निकल सके और आग की चपेट में आकर उनकी मौत हो गई। वहीं तीन अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए, जिन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंची। घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, जहां उनका इलाज जारी है। चिकित्सकों के अनुसार घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए सरगुजा रेंज के आईजी दीपक झा ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और जांच अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने भी मौके से महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए हैं। एहतियात के तौर पर क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है। अधिकारियों का कहना है कि घटना से जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है और फरार आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
इस घटना को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई है। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने निष्पक्ष जांच का भरोसा देते हुए कहा कि जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं कांग्रेस ने कानून-व्यवस्था और अवैध रेत कारोबार को लेकर सरकार पर सवाल खड़े किए हैं।
फिलहाल पुलिस हत्या, आगजनी और रेत कारोबार से जुड़े विवादों के एंगल से जांच आगे बढ़ा रही है। पूरे मामले की सच्चाई जांच रिपोर्ट और आरोपियों से पूछताछ के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।















