The Duniyadari: अंबिकापुर में एक विवाद ने राजनीतिक और प्रशासनिक माहौल को गरमा दिया है। विधायक रामकुमार टोप्पो और नायब तहसीलदार तुषार मानिकपुरी के बीच शुरू हुआ विवाद अब कानूनी कार्रवाई तक पहुंच गया है। दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर पुलिस ने अलग-अलग धाराओं में एफआईआर दर्ज की है। विधायक और उनके समर्थकों पर गैर-जमानती धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है, जबकि नायब तहसीलदार के खिलाफ जमानती धाराओं में केस कायम हुआ है।
बताया जा रहा है कि विवाद की शुरुआत राजस्व विभाग से जुड़े एक प्रकरण और कथित दुर्व्यवहार को लेकर हुई। देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि थाना परिसर में दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। एक ओर विधायक समर्थक थे तो दूसरी तरफ राजस्व निरीक्षक संघ के पदाधिकारी मौजूद थे। दोनों पक्षों ने जमकर नारेबाजी की, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को अतिरिक्त बल बुलाना पड़ा।
विधायक रामकुमार टोप्पो ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि उनकी बड़ी बहन के साथ कथित अभद्र व्यवहार के बाद यह पूरा विवाद शुरू हुआ। उन्होंने कहा कि यदि जांच में वे दोषी पाए जाते हैं तो कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने जांच में पूरा सहयोग देने की बात भी कही।
वहीं राजस्व निरीक्षक संघ ने विधायक की जल्द गिरफ्तारी की मांग उठाई है। संघ के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि 24 घंटे के भीतर कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन किया जाएगा। उनका कहना है कि कानून सभी के लिए समान होना चाहिए और किसी को विशेष संरक्षण नहीं मिलना चाहिए।
दूसरी तरफ विधायक समर्थकों ने भी नायब तहसीलदार तुषार मानिकपुरी के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की है। समर्थकों का आरोप है कि प्रशासनिक अधिकारी के व्यवहार के कारण ही विवाद ने बड़ा रूप लिया।
घटना के बाद पुलिस ने थाना क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। अधिकारियों के अनुसार दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच जारी है। इस पूरे घटनाक्रम ने अंबिकापुर के राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में हलचल मचा दी है।















