Sunday, May 17, 2026
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विश्व उच्चरक्तचाप दिवस पर आयुर्वेद-योग शिविर, सैकड़ों लोगों ने लिया निशुल्क स्वास्थ्य परामर्श

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The Duniyadari: KORBA

17 मई वर्ल्ड हाइपरटेंशन डे (विश्व उच्चरक्तचाप दिवस) पर चलो आयुर्वेद की ओर मिशन के तहत लायंस क्लब कोरबा एवरेस्ट, भारत विकास परिषद, नीमा एवं आयुष मेडिकल एसोसिएशन के संयुक्त तत्वाधान में दिनाँक 17 मई 2026 रविवार को पतंजलि चिकित्सालय, श्री शिव औषधालय दुकान क्रमांक 10, 11 महानदी काम्प्लेक्स निहारिका रोड कोरबा छत्तीसगढ में आयोजित विशेष आयुर्वेद-योग चिकित्सा परामर्श एवं उपचार शिविर में अंचलवासी हुये लाभान्वित।

छत्तीसगढ़ के सुप्रसिद्ध अनुभवी आयुर्वेद चिकित्सा विशेषज्ञ नाड़ीवैद्य डॉ.नागेंद्र नारायण शर्मा ने दी अपनी चिकित्सकीय सेवायें।

शिविर में उच्चरक्तचाप (ब्लड प्रेशर) व मधुमेह (शुगर) की निशुल्क जांच कर ब्लड प्रेसर तथा मधुमेह के नियंत्रण एवं उपचार हेतु परीक्षित औषधि निशुल्क प्रदान की गई।

उच्चरक्तचाप, हृदय एवं हीट स्ट्रोक के लिये उपयोगी “शीत सुधा शरबत” भी निशुल्क पिलाया गया।

नेत्रदान एवं देहदान के लिये किया गया जागरूक

पित्तवर्धक आहार हाइपरटेंशन का मुख्य कारण-डॉ.नागेंद्र शर्मा।

हाइपरटेंशन से बचाव हेतु जंकफूड एवं पित्तवर्धक आहार से करें परहेज़ -डॉ.नागेंद्र शर्मा।

17 मई वर्ल्ड हाइपरटेंशन डे (विश्व उच्चरक्तचाप दिवस) पर चलो आयुर्वेद की ओर मिशन के तहत लायंस क्लब कोरबा एवरेस्ट, भारत विकास परिषद, नीमा एवं आयुष मेडिकल एसोसिएशन के संयुक्त तत्वाधान में दिनाँक 17 मई 2026 रविवार को पतंजलि चिकित्सालय, श्री शिव औषधालय दुकान क्रमांक 10, 11 महानदी काम्प्लेक्स निहारिका रोड कोरबा छत्तीसगढ में आयोजित विशेष आयुर्वेद-योग चिकित्सा परामर्श एवं उपचार शिविर में अंचलवासी लाभान्वित हुये। शिविर में विशेष रूप से अपनी चिकित्सकीय सेवायें प्रदान करने वाले लायंस क्लब कोरबा एवरेस्ट के सचिव, छत्तीसगढ़ के सुप्रसिद्ध अनुभवी आयुर्वेद चिकित्सा विशेषज्ञ नाड़ीवैद्य डॉ.नागेंद्र नारायण शर्मा ने बताया की जंकफूड व पित्तवर्धक आहार के ज्यादा प्रयोग से लोगों में उच्चरक्तचाप एवं मधुमेह की बीमारी बढ़ती जा रही है। उनमे भी बच्चे और युवा वर्ग में भी इस तरह के लाइफ स्टाइल जनित रोगों का बढ़ना चिंता का विषय है। इससे बचाव हेतु जंकफूड एवं पित्तवर्धक आहार से परहेज करना अति आवश्यक है, तभी बच्चे और हमारी युवापीढ़ी इन गंभीर रोगों से बच सकती है। डॉ.नागेंद्र शर्मा ने बताया कि सभी लोग अपनी जीवनशैली में कुछ सकारात्मक परिवर्तन कर इन रोगों से आसानी से बच सकते हैं। जैसे व्यक्ति को अपनी दिनचर्या में शारिरिक परिश्रम को बढ़ावा देने की आवश्यकता है। जैसे घर के छोटे मोटे कार्यों को स्वयं करना, सुबह व शाम को पैदल चलना, व्यायाम एवं योग करना, बाइक, कार आदि के स्थान पर सायकिल का प्रयोग करना, पिज्जा, बर्गर, चिप्स, कोल्डड्रिक्स जैसे जंकफूड आदि से दूर रहकर, बच्चों को मोबाईल-कम्प्यूटर में गेम के स्थान पर पारंपरिक शारीरिक खेलकूद के लिए प्रेरित कर, छोटी-छोटी आदतों में परिवर्तन कर इन रोगों से सुरक्षा एवं बचाव किया जा सकता है।शिविर में ब्लड प्रेशर तथा रक्त शर्करा के स्तर की निशुल्क जांच कर उससे संबंधित परीक्षित औषधि भी निशुल्क प्रदान की गई तथा उच्चरक्तचाप एवं समस्त प्रकार के पित्तज रोगों के लिये उपयोगी शीतसुधा शरबत भी निशुल्क पिलाया गया। साथ ही शिविर में भारत विकास परिषद के क्षेत्रीय सेवा गतिविधि प्रमुख महेश गुप्ता ने शिविरार्थीयों को नेत्रदान-महादान, देहदान महादान के विषय में विस्तार से बताते हुये इसके लिये उन्हें प्रेरित किया। और उन्हें उसके फॉर्म के स्कैनर वाला पम्पलेट भी प्रदान किया जिससे इच्छुक व्यक्ती फॉर्म को भरकर इस महाभियान में सहभागी बन सके। शिविर में चिकित्सक नाड़ीवैद्य डॉ.नागेन्द्र नारायण शर्मा, श्री शिव औषधालय की संचालिका श्रीमती प्रतिभा शर्मा, भारत विकास परिषद के क्षेत्रीय सेवा गतिविधि प्रमुख महेश गुप्ता (चश्मा घर), सदस्य सोमु (रवि प्रिंटर्स), नेत्रनन्दन साहू, अश्वनी बुनकर, कमल धारिया, कवि रंजन दास, अरुण मानिकपुरी,देवबली कुंभकार, सिद्धराम शाहनी, राकेश इस्पात, पंचकर्म थेरेपीस्ट पिंकी बरेठ एवं सिमरन जायसवाल ने विशेष रूप से उपस्थित होकर अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया।