The Duniyadari: बालोद। छत्तीसगढ़ में पदस्थ एक डिप्टी कलेक्टर पर महिला आरक्षक द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। बीजापुर में पदस्थ डिप्टी कलेक्टर दिलीप उइके को निलंबित कर दिया गया है। यह मामला कुछ माह पूर्व बालोद जिले के डौंडी थाना में दर्ज हुआ था, जिसमें महिला आरक्षक ने शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाने, जबरन गर्भपात कराने और आर्थिक शोषण जैसे आरोप लगाए हैं।
12 बिंदुओं में मुख्य सचिव से शिकायत
महिला आरक्षक ने छत्तीसगढ़ शासन के मुख्य सचिव को विस्तृत शिकायत भेजी है। आवेदन में 12 अलग-अलग बिंदुओं पर आरोप लगाए गए हैं। शिकायत में यह भी कहा गया है कि संबंधित अधिकारी को बचाने के लिए कुछ स्तर पर संरक्षण दिया गया तथा नियमों के विरुद्ध अवकाश और प्रमाण पत्र जारी किए गए। महिला ने अपने आरोपों के समर्थन में दस्तावेज भी संलग्न किए हैं।
जान-पहचान से शुरू हुआ संबंध
शिकायत के मुताबिक, वर्ष 2017 में महिला डौंडी स्थित आईटीआई में अध्ययनरत थी। इसी दौरान दोनों के बीच संपर्क बढ़ा और संबंध प्रगाढ़ हो गए। आरोप है कि शादी का आश्वासन देकर संबंध बनाए गए। पहली बार गर्भवती होने पर कथित तौर पर शादी को भविष्य में टालते हुए गर्भपात कराया गया।
नौकरी के बाद भी जारी रहा विवाद
महिला को अगस्त 2017 में पुलिस विभाग में नौकरी मिली। आरोप है कि उसने भरोसे में आकर आरोपी की पढ़ाई और अन्य खर्चों के लिए नियमित रूप से धनराशि भेजी। बाद में राज्य लोक सेवा आयोग की परीक्षा में सफलता मिलने पर वर्ष 2020 में आरोपी की डिप्टी कलेक्टर के रूप में नियुक्ति हुई और बीजापुर में पदस्थापना हुई।
महिला का कहना है कि नौकरी लगने के बाद भी शादी के नाम पर टालमटोल की जाती रही और संबंध बनाए गए।
तीन बार गर्भपात का आरोप
महिला ने वर्ष 2025 के दौरान तीन अलग-अलग मौकों पर गर्भवती होने और प्रत्येक बार दबाव में गर्भपात कराने का आरोप लगाया है। उसने यह भी दावा किया है कि आर्थिक सहायता के नाम पर लाखों रुपये आरोपी के खाते में ट्रांसफर किए गए।
वाहन लेन-देन पर भी सवाल
शिकायत में यह भी उल्लेख है कि एक कार पहले महिला के नाम से खरीदी गई थी, जिसे बाद में धनराशि हस्तांतरित कर आरोपी ने अपने नाम करा लिया।
FIR दर्ज, प्रशासन ने की कार्रवाई
मामले की शिकायत के आधार पर डौंडी थाना में एफआईआर दर्ज की गई थी। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए बीजापुर जिला प्रशासन ने डिप्टी कलेक्टर को निलंबित कर दिया है। पुलिस द्वारा मामले की जांच जारी है और प्रशासनिक स्तर पर भी विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
































