स्वर्ण बिन्दु प्राशन के सेवन से पांच वर्षीय बालक गिरीश चंद्र सोनी का छुटा संकोचीपन , बना फ्रेंक, पढ़ाई में लगाने लगा मन

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The Duniyadari: “चलो आयुर्वेद की ओर” मिशन के तहत लायंस क्लब कोरबा एवरेस्ट पतंजलि चिकित्सालय एवं श्री शिव औषधालय के संयुक्त तत्वाधान में बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए “बच्चे रहे स्वस्थ” योजनान्तर्गत नाड़ीवैद्य डॉ.नागेंद्र नारायण शर्मा द्वारा पतंजलि चिकित्सालय श्री शिव औषधालय महानदी काम्प्लेक्स निहारिका में दिनांक 01 फरवरी 2026 रविवार को अति शुभ रवि पुष्य नक्षत्र में आयुर्वेदिक इम्यूनाईजेसन प्रोग्राम के तहत कराया गया स्वर्ण बिन्दु प्राशन संस्कार ।

स्वर्ण बिन्दु प्राशन संस्कार के सेवन से पांच वर्षीय गिरीश चंद्र सोनी ने छोड़ा संकोचीपना, पढ़ाई में लगाने लगा मन, बच्चे की माता सीएसईबी निवासी बबीता सोनी एवं पिता जगदीश सोनी ने जताया आभार चिकित्सक नाड़ीवैद्य डॉ.नागेन्द्र नारायण शर्मा का एवं संस्थान पतंजलि चिकित्सालय, श्री शिव औषधालय को दिया साधुवाद साथ ही कहा सभी को अपने बच्चों को सेवन कराना चाहिये स्वर्ण बिंदु प्राशन।

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“चलो आयुर्वेद की ओर” मिशन के तहत लायंस क्लब कोरबा एवरेस्ट पतंजलि चिकित्सालय एवं श्री शिव औषधालय के संयुक्त तत्वाधान में बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए “बच्चे रहे स्वस्थ” योजनान्तर्गत नाड़ीवैद्य डॉ.नागेंद्र नारायण शर्मा द्वारा पतंजलि चिकित्सालय श्री शिव औषधालय महानदी काम्प्लेक्स निहारिका में दिनांक 01 फरवरी 2026 रविवार को अति शुभ रवि पुष्य नक्षत्र में आयुर्वेदिक इम्यूनाईजेसन प्रोग्राम के तहत स्वर्ण बिन्दु प्राशन संस्कार कराया गया।

जिसमे अंचल के सैकड़ों बच्चे लाभान्वित होकर इसके अप्रत्याशित चमत्कारिक परिणाम का लाभ ले रहे हैं। इसी कड़ी स्वर्ण प्राशन करा रहे पांच वर्षीय बालक गिरीश चंद्र सोनी की माताजी बबीता सोनी ने बताया की मेरा बेटा गिरीश चंद्र सोनी बहुत संकोची एवं शांत स्वभाव का था। ज्यादा बोलता नहीं था, बात नहीं करता था। ऐसे में मैं उन्हें लेकर नाड़ीवैद्य डॉ.नागेन्द्र नारायण शर्मा के पास आयी तो उन्होंने पुष्य नक्षत्र में स्वर्ण बिंदु प्राशन संस्कार कराने की सलाह दी। जिसके सेवन से मेरे बेटे का संकोचीपना तो छुटा ही वह फ्रेंक भी हो गया और बात भी करने लगा। गिरीश चंद्र सोनी के पिता जगदीश सोनी ने बताया की अब गिरीश की स्मरण शक्ति भी बहुत अच्छी हो गई और वो पढ़ाई में भी मन लगाने लगा है और होमवर्क भी करने लगा है। इसके लिए गिरीश के पिताजी जगदीश सोनी एवं माताजी बबीता सोनी ने पतंजलि चिकित्सालय, श्री शिव औषधालय संस्थान की संचालिका श्रीमती प्रतिभा शर्मा एवं संस्थान के चिकित्सक नाड़ीवैद्य डॉ.नागेन्द्र नारायण शर्मा का आभार प्रकट करते हुए उन्हें साधुवाद दिया।

साथ ही उन्होंने कहा की सभी लोगों को अपने बच्चों को स्वर्ण बिंदु प्राशन संस्कार अवश्य कराना चाहिये। संकोची स्वभाव का बालक गिरीश अब इतना ऐक्टिव हो गया की इस अवसर पर उसने अपनी नृत्य कला का भी प्रदर्शन चिकित्सक नाड़ीवैद्य डॉ.नागेंद्र नारायण शर्मा के सामने कर के दिखाया। संस्थान के चिकित्सक नाड़ीवैद्य डॉ.नागेन्द्र नारायण शर्मा ने बताया कि स्वर्ण बिन्दु प्राशन संस्कार बच्चों में किये जाने वाले 16 मुख्य संस्कारों में से स्वास्थ्य की दृष्टि से एक महत्वपूर्ण संस्कार है जो हजारो वर्ष पुरानी आयुर्वेदिक टीकाकरण पद्धति है।

जिसका उल्लेख हमारे आयुर्वेद के प्राचीन ग्रंथ काश्यप संहिता एवं सुश्रुत संहिता में प्रमुखता से है जो प्राचीन समय से चला आ रहा है। लेकिन अब यह संस्कार विलुप्त हो गया है जिसे पुनर्जीवित करने का प्रयास संस्थान द्वारा स्वर्ण बिन्दु प्राशन संस्कार के माध्यम से किया जा रहा है। जिससे स्वस्थ निरोगी समाज का निर्माण हो सके। स्वर्ण बिन्दु प्राशन संस्कार शिविर में नाड़ीवैद्य डॉ.नागेन्द्र नारायण शर्मा, श्री शिव औषधालय की संचालिका श्रीमती प्रतिभा शर्मा के अलावा नेत्रनन्दन साहू, कमल धारिया, अश्वनी बुनकर, सिद्धराम शाहनी, राकेश इस्पात, देवबली कुंभकार एवं पिंकी बरेठ ने विशेष रूप से उपस्थित होकर अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया।