Wednesday, April 22, 2026
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स्वास्थ्य विभाग में पदोन्नति घोटाले का खुलासा, SC आयोग ने मांगी 12 साल की फाइलें

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The Duniyadari: चंडीगढ़-  पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में पदोन्नतियों को लेकर बड़ा घोटाला सामने आया है। शुरुआती जांच में गंभीर अनियमितताएं मिलने के बाद पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए रोस्टर चेकिंग टीम को तलब किया है।

मामला मल्टीपरपज हेल्थ वर्कर (मेल) से सुपरवाइजर पद पर हुई पदोन्नतियों से जुड़ा है। आयोग को मिली शिकायत के बाद जब पिछले 12 वर्षों का रिकॉर्ड खंगाला गया, तो कई चौंकाने वाली बातें सामने आईं। जांच में पाया गया कि विभाग में अनुसूचित जाति वर्ग के लिए 20 प्रतिशत आरक्षण के तहत 75 पद सुरक्षित होने चाहिए थे, लेकिन इनमें से 69 पदों पर सामान्य वर्ग के कर्मचारियों को पदोन्नति दे दी गई।

इतना ही नहीं, रिकॉर्ड में गड़बड़ी का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि एक दिव्यांग कर्मचारी और आठ सामान्य वर्ग के कर्मचारियों को अनुसूचित जाति वर्ग में दर्शाया गया। इसके अलावा 19 कर्मचारियों की पदोन्नति से संबंधित कोई रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं मिला, जिससे पूरी प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए हैं। सूत्रों के अनुसार, यह मामला महज लापरवाही नहीं बल्कि नियमों को दरकिनार कर सुनियोजित तरीके से की गई कार्रवाई का संकेत देता है।

जांच के दौरान यह भी सामने आया कि पदोन्नतियों में सीनियरिटी-कम-मेरिट के सिद्धांत का पालन नहीं किया गया। साथ ही 2006 और 2018 के आरक्षण से जुड़े प्रावधानों तथा अदालतों के आदेशों की भी अनदेखी की गई।

मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए आयोग के अध्यक्ष जसवीर सिंह गढ़ी ने 29 अप्रैल को सामाजिक न्याय, अधिकारिता एवं अल्पसंख्यक विभाग की रोस्टर चेकिंग टीम नंबर-22 को पेश होने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि आरक्षण नीति और सीनियरिटी-कम-मेरिट सिद्धांत का उल्लंघन गंभीर मामला है और अनुसूचित जाति वर्ग के कर्मचारियों के संवैधानिक अधिकारों से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।