Tuesday, September 29, 2026
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प्रधानमंत्री की सुरक्षा में महिला सुरक्षाकर्मियों की तैनाती से महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा मिला है

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The Duniyadari: गांधीनगर: अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर शनिवार को गुजरात के नवसारी जिले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम के लिए पूर्णतः महिला पुलिस सुरक्षा तैनात की गई हैं। गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी ने घोषणा की कि भारत के इतिहास में यह पहली बार है कि किसी प्रधानमंत्री के कार्यक्रम की सुरक्षा व्यवस्था की देखरेख केवल महिला पुलिसकर्मी करेंगी।

संघवी ने कहा, “अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर गुजरात पुलिस एक अनूठी पहल कर रही है। प्रधानमंत्री के वानसी बोरसी गांव में हेलीपैड पर पहुंचने से लेकर कार्यक्रम के समापन तक सुरक्षा के हर पहलू का प्रबंधन केवल महिला पुलिस अधिकारी ही करेंगी।” सुरक्षा तैनाती में भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारियों से लेकर कांस्टेबल तक यानि सभी रैंकों के पुलिसकर्मी शामिल होंगे।

कुल मिलाकर 2,100 से अधिक कांस्टेबल, 187 उप-निरीक्षक, 61 पुलिस निरीक्षक, 16 पुलिस उपाधीक्षक, पांच पुलिस अधीक्षक, एक पुलिस महानिरीक्षक और एक अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक ड्यूटी पर रहेंगे। वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी और गृह सचिव निपुण तोरावणे सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी करेंगे और इस पहल का निर्बाध क्रियान्वयन सुनिश्चित करेंगे।

प्रधानमंत्री मोदी इस समय गुजरात और केंद्र शासित प्रदेश दादरा एवं नगर हवेली के दो दिवसीय दौरे पर हैं। अपने कार्यक्रम के तहत वह शनिवार को वानसी बोरसी गांव में ‘लखपति दीदी सम्मेलन’ को संबोधित करेंगे। संघवी ने इस पहल के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि यह महिला दिवस पर दुनिया को एक शक्तिशाली संदेश देगा और गुजरात की सुरक्षा सुनिश्चित करने में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका को प्रदर्शित करेगा।

प्रधानमंत्री राज्य सरकार की दो प्रमुख पहलों – जी-सफल (आजीविका बढ़ाने के लिए अंत्योदय परिवारों के लिए गुजरात योजना) और जी-मैत्री (ग्रामीण आय में परिवर्तन के लिए व्यक्तियों की गुजरात मेंटरशिप और त्वरण) का शुभारंभ करेंगे, जिनका उद्देश्य ग्रामीण आजीविका और आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है। जी-मैत्री योजना उन स्टार्टअप्स को समर्थन देने के लिए तैयार की गई है, जो वित्तीय सहायता प्रदान करके एक स्थायी ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देते हैं।

इस बीच, जी-सफल कार्यक्रम गुजरात के दो आकांक्षी जिलों और 13 आकांक्षी ब्लॉकों पर ध्यान केंद्रित करते हुए अंत्योदय परिवारों की महिलाओं द्वारा संचालित स्वयं सहायता समूहों को वित्तीय सहायता और उद्यमशीलता प्रशिक्षण प्रदान करेगा।