The Duniyadari: गरियाबंद- कथित रूप से पैसे की मांग से जुड़ा ऑडियो वायरल होने के बाद कोतवाली थाने में पदस्थ उपनिरीक्षक अजय सिंह को पुलिस अधीक्षक ने निलंबित कर दिया है। मामले ने तूल पकड़ लिया है और अब पीड़ित परिवार ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। परिवार का आरोप है कि शुरुआत से ही पुलिस ने उनके साथ न्याय नहीं किया।
गुरुवार को पीड़ित परिवार के समर्थन में छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना ने जिला मुख्यालय में रैली निकाली और प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की। हालांकि पुलिस प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीओपी स्तर पर जांच के निर्देश पहले ही जारी कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, 4 मार्च को होली के दिन कोतवाली थाना क्षेत्र के बारुला गांव में ममता किरण यादव के परिवार और दूसरे पक्ष के बीच विवाद हो गया था, जो बाद में झगड़े में बदल गया। आरोप है कि दूसरे पक्ष ने महिला के साथ मारपीट और अभद्रता की। पीड़ित पक्ष का कहना है कि दूसरा गुट राजनीतिक रूप से प्रभावशाली है और जनपद पंचायत से जुड़ा होने के कारण उन्होंने पहले पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
पीड़ित परिवार का आरोप है कि महिला की लिखित शिकायत देने के बावजूद पुलिस ने उनकी बात को नजरअंदाज कर दिया। उल्टा पीड़िता के पति नंदकुमार के खिलाफ एट्रोसिटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया। अब वायरल हो रहे ऑडियो में कथित तौर पर मामले को सुलझाने के नाम पर पैसों की मांग की बातचीत होने की बात कही जा रही है।
फिलहाल मामले की जांच जारी है और पीड़ित परिवार ने निष्पक्ष कार्रवाई की मांग करते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की अपेक्षा जताई है।















