The Duniyadari: दुर्ग जिले में संभावित आपात स्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए प्रशासन ने एक व्यापक मॉक ड्रिल आयोजित की।
यह अभ्यास डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट परिसर, केंद्रीय विद्यालय के पास स्थित केंद्रीय जेल क्षेत्र में किया गया, जहां नागरिक सुरक्षा दल, एनसीसी कैडेट्स, होमगार्ड और एसडीआरएफ की टीमों ने संयुक्त रूप से भाग लिया।
मॉक ड्रिल का उद्देश्य हवाई हमले जैसी स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया, राहत एवं बचाव कार्यों की दक्षता और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय को परखना था।
अभ्यास के दौरान सायरन बजाकर आपात स्थिति का संकेत दिया गया, जिसके बाद टीमों ने तुरंत एक्शन लेते हुए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।
जवानों और स्वयंसेवकों को ब्लैकआउट के दौरान काम करने, सीमित रोशनी में संचार बनाए रखने, लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने और प्राथमिक उपचार देने का प्रशिक्षण दिया गया।
ऊंची इमारतों में फंसे लोगों को रस्सियों और स्ट्रेचर की मदद से सुरक्षित नीचे उतारने का प्रदर्शन भी किया गया, जिसके बाद उन्हें एंबुलेंस से अस्पताल भेजने की प्रक्रिया दिखाई गई।
अग्निशमन विभाग ने आग लगने की स्थिति से निपटने का अभ्यास किया, वहीं वालेंटियर्स ने भीड़ नियंत्रण और लोगों को सुरक्षित निकालने में अहम भूमिका निभाई। इस दौरान विभिन्न एजेंसियों के बीच तालमेल और त्वरित निर्णय लेने की क्षमता का भी आकलन किया गया।
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी रही। अधिकारियों ने बताया कि इस तरह के अभ्यास आपदा प्रबंधन की तैयारियों को मजबूत करने में सहायक होते हैं और भविष्य में भी ऐसे आयोजन जारी रहेंगे, ताकि किसी भी आपात स्थिति में जिले की प्रतिक्रिया और बेहतर हो सके।















