The Duniyadari: जशपुर- पत्थलगांव थाना क्षेत्र के बालाझर गांव स्थित घोघरा डैम में रविवार दोपहर मातृत्व की ममता की कीमत एक मां को जान देकर चुकानी पड़ी। डूब रही छोटी बेटी को बचाने के लिए डैम में कूदी 6 महीने की गर्भवती महिला की बच्ची समेत मौत हो गई। बड़ी बेटी किसी तरह तैरकर बाहर आ गई, जिससे उसकी जान बच गई।
*नहाते समय हुआ हादसा*
गांव की सुकांति तिग्गा अपनी दो बेटियों के साथ दोपहर में घोघरा डैम नहाने गई थीं। इसी दौरान 8 साल की मीनाक्षी तिग्गा अचानक गहरे पानी में चली गई और डूबने लगी। बेटी को तड़पता देख सुकांति ने बिना सोचे डैम में छलांग लगा दी। बड़ी बेटी ने भी मां-बहन को बचाने की कोशिश में पानी में छलांग लगाई। वह तैरना जानती थी, इसलिए किनारे तक पहुंच गई, लेकिन सुकांति और मीनाक्षी गहराई में फंस गईं।
*ग्रामीणों ने निकाला, पर नहीं बची जान*
चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण दौड़े। काफी मशक्कत के बाद दोनों को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। सुकांति 6 माह की गर्भवती थी। एक साथ तीन जिंदगियां खत्म होने से गांव में मातम पसर गया है।
*पुलिस जांच में जुटी, सुरक्षा पर सवाल*
सूचना पर पत्थलगांव पुलिस पहुंची और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है। ग्रामीणों का कहना है कि घोघरा डैम में पहले भी कई हादसे हो चुके हैं, मगर न तो चेतावनी बोर्ड लगे हैं और न ही कोई सुरक्षा इंतजाम। लोगों ने प्रशासन से डैम के चारों ओर फेंसिंग और गार्ड तैनात करने की मांग की है।
परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव वालों ने कहा कि सुकांति ने बेटी के लिए अपनी जान दे दी। यह हादसा एक बार फिर जलाशयों के पास लापरवाही और सुरक्षा इंतजामों की कमी को उजागर कर रहा है।















