The Duniyadari: दुर्ग संभाग में पदस्थ एक ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी पर गंभीर आपराधिक मामले में दोष सिद्ध होने के बाद कृषि विभाग ने सख्त प्रशासनिक कदम उठाया है। विशेष न्यायालय (एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम) रायपुर से आजीवन कारावास की सजा मिलने के बाद संभागीय संयुक्त संचालक कृषि दुर्ग ने आरोपी अधिकारी देवनारायण साहू को तत्काल प्रभाव से शासकीय सेवा से बर्खास्त कर दिया है।
विभागीय आदेश के अनुसार, सेवा से निष्कासन के बाद अब देवनारायण साहू भविष्य में किसी भी सरकारी नियुक्ति के लिए पात्र नहीं होंगे। साथ ही दोषसिद्धि की तारीख से उन्हें शासकीय सेवा से मिलने वाले किसी भी लाभ का अधिकार भी समाप्त कर दिया गया है।
जानकारी के मुताबिक, देवनारायण साहू विकासखंड मानपुर के सीतागांव क्षेत्र में ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी के रूप में कार्यरत थे। उनके खिलाफ रायपुर जिले के माना क्षेत्र में भारतीय न्याय संहिता 2023 और अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया था। पुलिस ने उन्हें 8 जनवरी 2026 को गिरफ्तार किया था, जिसके बाद विभाग ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था।
मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट कोर्ट रायपुर ने 2 मई 2026 को फैसला सुनाते हुए आरोपी को विभिन्न धाराओं में दोषी माना। अदालत ने भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत कठोर कारावास की सजा दी, वहीं एससी/एसटी एक्ट के प्रावधानों के तहत आजीवन कारावास और अर्थदंड भी लगाया।
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि शासन की सेवा आचरण नियमावली के तहत गंभीर आपराधिक मामलों में दोषसिद्ध कर्मचारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।















