The Duniyadari : छत्तीसगढ़ में गर्मी का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है। प्रदेश के अधिकांश हिस्से भीषण लू और तेज धूप की चपेट में हैं। हालात ऐसे हैं कि सुबह 10 बजे के बाद ही सूरज की तपिश लोगों को परेशान करने लगती है, जबकि दोपहर होते-होते गर्म हवाएं जनजीवन पर असर डाल रही हैं। शाम तक गर्मी का असर बना रहने से लोगों को राहत नहीं मिल पा रही है।
मौसम विभाग ने रायपुर, बिलासपुर सहित कई जिलों में हीटवेव को लेकर चेतावनी जारी की है। शुक्रवार को दुर्ग प्रदेश का सबसे गर्म इलाका रहा, जहां अधिकतम तापमान 44.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 23.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ।
मौसम वैज्ञानिक एच.पी. चंद्रा के अनुसार, अंदरूनी उड़ीसा और आसपास के क्षेत्रों में ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश से उड़ीसा होते हुए छत्तीसगढ़ तक एक द्रोणिका बनी हुई है। उत्तर पाकिस्तान के पास सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ का भी मौसम पर प्रभाव पड़ रहा है।
मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले तीन दिनों में प्रदेश के अधिकतम तापमान में करीब दो डिग्री तक और बढ़ोतरी हो सकती है। फिलहाल प्रदेश में मौसम शुष्क बने रहने के आसार हैं। हालांकि बस्तर संभाग में 26 मई से बारिश की गतिविधियां शुरू होने की संभावना जताई गई है, जबकि प्रदेश के मध्य हिस्सों में 29 मई के बाद मौसम बदल सकता है। तब तक लोगों को तेज गर्मी और लू का सामना करना पड़ सकता है।















