The Duniyadari: Bilaspur- रेलवे की पर्सनल यूजर आईडी का व्यावसायिक इस्तेमाल कर ई-टिकट बेचने के मामले में रेलवे कोर्ट ने एक च्वाइस सेंटर संचालक को दोषी ठहराया है। आरोपी पर पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। मामला सामने आने के बाद रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने जांच कर कार्रवाई की थी।
जानकारी के अनुसार, आरोपी संचालक अपने निजी आईआरसीटीसी अकाउंट से आम यात्रियों के लिए टिकट बुक कर अतिरिक्त रकम वसूल रहा था। रेलवे नियमों के मुताबिक पर्सनल आईडी का उपयोग केवल व्यक्तिगत यात्रा के लिए किया जा सकता है, जबकि व्यावसायिक टिकट बुकिंग के लिए अधिकृत एजेंसी या लाइसेंस आवश्यक होता है।
RPF की टीम ने जांच के दौरान इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और टिकट संबंधी दस्तावेज जब्त किए थे। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि आरोपी लगातार निजी आईडी से टिकट बनाकर कारोबार कर रहा था। इसके बाद उसके खिलाफ रेलवे एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर रेलवे न्यायालय में पेश किया गया।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने आरोपी को नियमों का उल्लंघन करने का दोषी माना और आर्थिक दंड लगाया। रेलवे अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे टिकट केवल अधिकृत एजेंट या आधिकारिक प्लेटफॉर्म से ही बनवाएं, ताकि धोखाधड़ी और अवैध वसूली से बचा जा सके।















